“Masked Aadhar” पर सरकार का यू टर्न, क्या है Confusion

नेशनल"Masked Aadhar" पर सरकार का यू टर्न, क्या है Confusion

Date:

बिजनेसबाइट्स स्पेशल 

दिल्ली से दौलताबाद, दौलताबाद से दिल्ली। यह बात तो किसी और सन्दर्भ में कही गयी थी लेकिन लागू हो रही है UIDAI के एक फैसले पर जिसे उसने कुछ घंटों में ही वापस ले लिया। बात थी भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानि UIDAI द्वारा जारी किये जा रहे आधार कार्ड के दुरूपयोग पर पहले जारी मास्क्ड आधार के उपयोग की एडवाइज़री और फिर उठते हुए सवालों पर यू टर्न मारने की. UIDAI ने 27 मई को एक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा था कि आधार कार्ड के दुरुपयोग के मामले बढ़ रहे हैं इसलिए आधार कार्ड की कॉपी शेयरिंग के लिए ‘मास्क्ड आधार’ का इस्तेमाल करें. बता दें कि मास्क्ड आधार में आधार संख्या के अंतिम 4 अंक ही शो होते हैं. 

Also Read : Nepal Tara Air Plane: नेपाली विमान का एटीसी से टूटा संपर्क, लापता विमान में चार भारतीय समेत 22 लोग सवार

जैसे ही यह खबर मीडिया में फैली तो लोग UIDAI की इस एडवाइज़री पर सवाल उठाने लगे. उनका कहना था कि यह फैसला लेने में इतनी देरी क्यों? अब तक तो आधार कार्ड रखने वाला व्यक्ति उसकी न जाने कितनी कॉपियां पता नहीं कितनी जगहों पर दे चूका होगा। दूसरा और सबसे बड़ा सवाल यह कि जब सरकार आधार कार्ड की सिक्योरिटी को लेकर इतने दावे करती है तो फिर यह ‘मास्क्ड आधार’ का इस्तेमाल करने की सलाह क्यों? 

सरकार ने तो आधार कार्ड को हर जगह ज़रूरी बना दिया है, बिना आधार कार्ड के तो हर भारतवासी निराधार जैसा है, अस्पताल से लेकर शमशान तक हर जगह, आधार नहीं तो काम नहीं। अस्पतालों में बिना आधार दाखिला नहीं। पता नहीं कोई कितनी बार बीमार पड़ा होगा और हर बार परचा बनवाने के लिए आधार लगाया होगा। UIDAI की इस एडवाइज़री से तो आधार की वह सारी कॉपियां संदेह के घेरे में आ गयीं, पता नहीं उनका कहाँ गलत इस्तेमाल हो. अब जब सरकार को ही अपने आधार पर भरोसा नहीं तो लोगों को कैसे भरोसा होगा।

Also Read : Petition For Repeal Worship Act: वरशिप एक्ट को रद्द करने के लिए एक और याचिका दायर

लोगों का कहना था कि इस सलाह के बाद अब मास्क्ड आधार की प्रिंटिंग का दौर चलेगा। हर घर में कंप्यूटर और प्रिंटर होता नहीं। साइबर कैफे जायेगा तो कंप्यूटर में उसकी कॉपी सेफ होगी। कितने लोग ऐसे होंगे जो साइबर कैफे के कंप्यूटर से वह फाइल डिलीट करवाएंगे, कितनों को इस बात की जानकारी होगी। होना तो यह चाहिए कि UIDAI  जितने भी कार्ड होल्डर हैं सबको उनके पते पर मास्क्ड आधार भेजे और साथ में पूरी जानकारी भी कि अबसे शेयरिंग के दौरान यही आधार कार्ड इस्तेमाल करे. अभी सरकार ने या UIDAI इस एडवाइज़री पर यू टर्न मार लिया और कहा कि नहीं आधार कार्ड पूरी तरह सुरक्षित है, वैसे ही इस्तेमाल कीजिये जैसे पहले इस्तेमाल करते थे. अब सरकार ने तो यु टर्न मार लिया मगर उसका उद्देश्य पूरा हो गया, अब कुछ भी हो जाए लोग मास्क्ड आधार तो प्रिंट ही करवाएंगे। लोगों के दिमाग़ में UIDAI ने शक का कीड़ा तो डाल ही दिया।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related