नई दिल्ली। योजना आयोग के पूर्व सदस्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर देश के अग्रणी विशेषज्ञों में से एक अर्थशास्त्री अभिजीत सेन का सोमवार देर रात निधन हो गया। अर्थशास्त्री अभिजीत सेन 72 वर्ष के थे। उनकी मौत की जानकारी अभिजीत सेन के भाई डाक्टर प्रणब सेन ने दी है। बताया जाता है कि अभिजीत सेन को रात को 11 बजे पड़ा दिल का दौरा पड़ा था। डा0 प्रणब सेन ने बताया कि उन्हें यह जानकारी लगी कि अभिजीत सेन की तबियत खराब है। जब उन्होंने अभिजीत सेन को चेक किया तो पता चला कि उनको दिल का दौरा पड़ चुका है। डा0 प्रणब सेन उन्हें अस्पताल ले गए। लेकिन जब तक परिजन उनको लेकर अस्पताल पहुंचे तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।
अर्थशास्त्री अभिजीत सेन कई महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर रह चुके हैं। चार दशकों से अधिक के करियर में अभिजीत सेन ने नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र पढ़ाया। कृषि लागत और मूल्य आयोग के अध्यक्ष सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर रहे हैं। वे 2004 से 2014 तक योजना आयोग के सदस्य थे। जब मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे। इसके अलावा अभिजीत सेन कई अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में भी पढ़ाया करते थे। अर्थशास्त्र अभिजीत सेन ने 1985 में दिल्ली के जवाहर नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों को आर्थिक अध्ययन पढ़ाते थे। उन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बड़े जानकारों में गिना जाता है। उन्होंने आक्सफोर्ड, कैंब्रिज और एसेक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विश्वविद्यालय में छात्रों को अर्थशास्त्र का पाठ पढ़ाया था।

