Crypto Terror Funding: टेरर फंडिंग के लिए हो रहा क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग, काश्मीर आतंकवाद में कर रहा खाद पानी का काम

नेशनलCrypto Terror Funding: टेरर फंडिंग के लिए हो रहा क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग,...

Date:

नई दिल्ली। भारत आतंकी गतिविधियों से बहुत अधिक प्रभावित रहता है। कश्मीर में पिछले काफी समय से आतंकी गतिविधियों के कारण हालात सामान्य नहीं हो रहे हैं। वहां आतंक को खाद पानी देने के लिए बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग किए जाने की बात सामने आई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने बिटकॉइन ट्रेड मामले में कई स्थानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान जांच एजेंसी को डिजिटल उपकरण के अलावा सिम कार्ड, मोबाइल और कई जरूरी कागजात भी बरामद हुए। इन सब की जांच में जो निष्कर्ष निकलकर सामने आया है उनमें टेरर फंडिग में बिटकॉइन के उपयोग की ओर इशारा करते करते हैं।  जांच में सामने आया कि आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पैसा बिटक्वाइन के रूप में भेजा जाता है। घटना ने एक बार फिर बहस को हवा दी है कि क्या क्रिप्टोकरेंसी के तार टेरर फंडिंग से जुड़े हैं? यह कितना खतरनाक है? क्रिप्टोबाजार में निवेश किया गया लोगों का पैसा कितना सुरक्षित है? 

भारत सरकार ने अभी तक किसी भी क्रिप्टोकरेंसी को लीगल नहीं किया है। लेकिन इसके बाद भी लोग इसमें निवेश कर रहे हैं। भारत में क्रिप्टोकरेंसी में कुल निवेश वर्ष 2021 में 15 गुना बढ़कर 438.18 मिलियन अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया। टेरर फंडिंग में क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग की खबर आने से एक बाद साफ हो गई कि क्रिप्टोकरेंसी में जो पैसा निवेश किया जा रहा है वह सुरक्षित तो कतई नहीं है।  दुनिया के अधिकांश देशों में क्रिप्टो को रेग्युलेट करने के लिए कोई कानून नहीं है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स 2020 के दिशानिर्देशों के अनुरुप सिर्फ कुछ देशों ने क्रिप्टो को रेग्यूलेट करने की दिशा में कदम बढ़ाया हैं जिससे डिजिटल करेंसी या एनएफटी का उपयोग मनी लॉउंड्रिंग या टेरर फंडिंग के लिए नहीं किया जा सके। 

कुछ ऐसे एशियाई देश हैं जहां आतंकवाद का इतिहास पुराना रहा है। क्रिप्टो के बढ़ते चलन ने आतंकवाद के खतरे को और कई गुना बढ़ा दिया है। वे इसके खिलाफ अब तक सतर्क नहीं हैं। ऐसे देशों की लिस्ट में भारत के अलावा इंडोनेशिया भी है। वहीं, फिलिपिंस की एंटी मनी लाउंड्रिंग काउंसिल ने आतंकवाद और आतंकवाद वित्तपोषण नामक रिपोर्ट में कहा कि साल 2019 और 2020 के बीच देश में लगभग 1.77 मिलियन फिलिपाइन पेसांे का लेनदेन क्रिप्टो के माध्यम से हुआ है। उसके बावजूद देश में आश्चर्यजनक रूप से क्रिप्टो को लीगल टेंडर के रूप में उपयोग करने की छूट दी गई है। निवेश को वहां यूनियन बैंक ऑफ फिलीपींस के एटीएम से नकद के रूप में निकालने की सुविधा है।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

अब युवा मंच से कहेंगे ‘मैं भी कॉकरोच हूं’,

“मैं भी कॉकरोच हूं” बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, राजनीतिक वादों, सामाजिक...