श्रीनगर। अमरनाथ हादसे के बाद कश्मीर स्वास्थ्य निदेशालय ने चिकित्सा विभाग के सभी चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के अवकाश पर रोक लगा दी है। चिकित्सा निदेशालय ने कहा कि स्थायी हो या अनुबंध सभी कर्मचारी अगले आदेश तक अवकाश पर नहीं होंगे। अधिकारियों को मोबाइल फोन चौबीसों घंटे खुले रहने के आदेश रखने दिए हैं। अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने के बाद से पांच हजार से अधिक सुरक्षा कर्मियों को बचाव कार्य में लगाया है। अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से उत्पन्न हालात के चलते कुलगाम,पुलवामा,अनंतनाग और शोपियां आदि जिलों से चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की अतिरिक्त टीम और दवाओं के अलावा इमरजेंसी किट साथ भेजने को कहा गया है। बांडीपोरा,श्रीनगर,बारामुला और बडगाम के सीएमओ भी अतिरिक्त चिकित्सकों और स्टाफ के साथ आपातकालीन स्थिति के लिए भेजे गए हैं। पहलगाम और बालटाल में मेडिकल सुविधा और दवाइयों की पर्याप्त सप्लाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने के बाद पांच हजार सुरक्षाकर्मियों के अलावा चिकित्सीय टीम बचाव कार्य में लगी हुई है। इसके अलावा पंचतरणी और बालटाल सहित करीब एक दर्जन आधार शिविरों से दो हजार अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी भेजे हैं। इनमें आर्म्ड पुलिस, एसडीआरएफ जवानों के साथ ही जम्मू-कश्मीर पुलिस के पर्वतारोही बचाव दल को राहत कार्य में लगाया है। फंसे हुए लोगों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने और घायलों को हास्पिटल भिजवाने के लिए वायुुसेना की मदद से अतिरिक्त हेलीपैड तैयार किया है। पंचतरणी हेलीपैड को रात के समय चालू रखा गया। जिससे कि राहत कार्य में बाधा न पहुंचने पाए।
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बचाव कार्य में सेना,सीआरपीएफ, पुलिस, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पर्वतारोही बचाव दल, बीएसएफ की 40 टीमें जुटी हैं। गुफा व बरारी मार्ग और लोवर संगम जंक्शन, रेलपत्थरी से टीमों को भेजा गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गुफा के आसपास के कैंपों से अतिरिक्त टीमों को मौके पर भेजा है।

