CM Arvind Kejriwal: आप का आपरेशन लोटस, शराब नीति के कथित भ्रष्टाचार से हटाने की रणनीति हिस्सा या अरविंद केजरीवाल की पुरानी आदत

नेशनलCM Arvind Kejriwal: आप का आपरेशन लोटस, शराब नीति के कथित भ्रष्टाचार...

Date:

नई दिल्ली। नई दिल्ली की शराब नीति में कथित भ्रष्टाचार के मामले में बीजेपी अब लगातार मनीष सिसोदिया पर हमलावर होती जा रही है। वह नए-नए तथ्यों के साथ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से इस पूरे प्रकरण पर सफाई मांग रही है। बीजेपी के इस हमले से अब दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार वाली छवि पर चोट पहुंचती दिखाई दे रही है। लेकिन इसी बीच आप ने भाजपा पर उसके विधायकों को खरीदकर दिल्ली सरकार को गिराने की कोशिश करने का आरोप लगा दिया है। इससे अब पूरी चर्चा का केंद्र ही बदल गया है। बड़ा प्रश्न है कि ऑपरेशन लोटस के आरोप में कितनी सच्चाई है। या यह केवल बहस का मुद्दा बदलने की रणनीति का ही हिस्सा है। यदि ऐसा है तो अरविंद केजरीवाल की कोशिश कितनी कारगर साबित होती दिख रही है। यह आने वाला समय ही बताएगा। 

आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने आज बुधवार को आरोप लगाया है कि उनकी पाटी के मनीष सिसोदिया के घर और ऑफिस पर सीबीआई ने छापे मारकर दबाव बनाने की कोशिश की। उन्हें भाजपा ज्वाइन करने पर सभी आरोप वापस लेने की बात कही है। अब उनकी पार्टी के विधायकों को करोड़ों रुपयों की रिश्वत देने की पेशकश भी की जा रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए इस पूरे मामले की पूरी जांच की मांग की है।  आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय प्रवक्ता सौऱभ भारद्वाज ने भी आरोप लगाया है कि आप पार्टी के विधायकों को पार्टी तोड़ने के लिए भाजपा की तरफ से 25 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष शासित हर राज्य में विपक्षी दलों के विधायकों को खरीद-फरोख्त की जा रही है। महाराष्ट्र प्रकरण के बाद सबके सामने आ गया कि उसने विपक्ष के विधायकों को भारी पैसा देकर खरीदा है। उन्होंने कहा कि इसका जवाब भाजपा को देना चाहिए कि उसके पास इतना पैसा कहां से आाया है। उन्होंने इस मामले के जांच की मांग की।

Read also: Bihar Floor Test: बिहार विधानसभा में महागठबंधन सरकार ने हासिल किया विश्वास मत,भाजपा का वाॅकआउट

विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार पर ये आरोप लगाते रहे हैं कि उनकी सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश की जाती रही है। आरोप है कि सीबीआई और ईडी का उपयोग कर केंद्र सरकार विपक्ष नेताओं को डराने की कोशिश कर रही है और ऐसे नेताओं को अपने पाले में मिलाकर वह राज्यों में सत्ता में परिवर्तन करने में सफलता पाती रही है। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा और अन्य राज्यों में इस तरह के आरोप भाजपा पर लग चुके हैं। झारखंड और राजस्थान मामले में इस तरह की कोशिश करने के आरोप लगे है। इन हालात में आम आदमी पार्टी का आरोप पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता है। लेकिन आम आदमी पार्टी पर अरविंद केजरीवाल की मजबूत पकड़ और राज्य के मतदाताओं के बीच उनके कार्य की स्वीकार्यता के कारण ऐसी कोई कोशिश सफल होने की संभावना नहीं दिखाई देती है।

इस मुद्दे पर स्वयं अरविंद केजरीवाल की अपनी विश्वसनीयता बहुत सही नहीं रही है। अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत से लेकर अब तक वे शीला दीक्षित, अरूण जेटली और नितिन गडकरी जैसे बेदाग छवि के नेताओं पर गंभीर आरोप लगा चुके हैं। दिल्ली में शीला दीक्षित सरकार के पतन के पीछे अरविंद केजरीवाल के इन आरोपों की बड़ी भूमिका रही थी। लेकिन जब इन्हीं मामलों में अरविंद केजरीवाल पर केस दर्ज होने लगे तो बाद में वे किसी भी नेता के खिलाफ कोई सबूत नहीं पेश कर सके और उन्हें सभी से माफी मांगनी पड़ी।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

यूपी की बदली तस्वीर पर राजनाथ की मुहर, बोले- योगी ने सुशासन को बनाया पहचान

लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटन, युद्धपोत INS...

अब युवा मंच से कहेंगे ‘मैं भी कॉकरोच हूं’,

“मैं भी कॉकरोच हूं” बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, राजनीतिक वादों, सामाजिक...