सेना में नई भर्ती प्रक्रिया के तहत केंद्र सरकार की लांच की गयी “अग्निपथ योजना” के विरोध में देश का युवा सड़कों पर उतर कर हिंसा करने लगा है, आज भी बिहार में बंद का एलान हुआ है और खबरों के मुताबिक हिंसक घटनाओं का दौर जारी है, इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एलान किया है कि चार साल के बाद नागरिक जीवन में वापस लौटे अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में आयु सीमा में छूट के साथ 10 प्रतिशत का आरक्षण मिलेगा।
गृह मंत्रालय ने शनिवार को इस बारे में एलान करते हुए कहा कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल यानि सीएपीएफ और असम राइफल्स में ‘अग्निवीरों’ के पहले बैच को आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट दी जाएगी। एलान के मुताबिक चार साल बाद उन अग्निवीरों को जिन्हें सेना में स्थाई काडर नहीं मिलेगा उन्हें CISF, CAPFs, BSF, ITBP में बहरति के दौरान 10 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाएगा।
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मंत्रालय द्वारा घोषणा के मुताबिक बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, ITBP, SSB, NSG और SPG की उपरी आयु सीमा 26 साल होगी। बता दें कि सेना की नई भर्ती प्रक्रिया के तहत अग्निपथ योजना में 46000 अग्निवीरों की भर्तियां निकाली हैं, इनमें से सिर्फ 25 प्रतिशत को ही सेना में स्थाई काडर मिलेगा, शेष 75 प्रतिशत अग्निवीर नागरिक जीवन में वापस लौट जायेंगे, सरकार उन्हें सेना से रिटायरमेंट के समय लगभग 12 लाख रूपये भी देगी, केंद्र सरकार शुरू से कहा रही है कि अग्निवीरों का भविष्य असुरक्षित नहीं उज्जवल है, इसके लिए उसने पोस्टर जारी कर युवाओं का भ्रम दूर करने की कोशिश की है लेकिन देश का युवा मानने को तैयार नहीं है और वह इस योजना के खिलाफ जिस तरह की उग्र प्रतिक्रिया दे रहा है यही वजह कि सरकार इस तरह की घोषणाएं करके युवाओं का गुस्सा शांत करने में जुटी हुई है.
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सरकार की इन घोषणाओं को भी लोग बिना सोचे समझे की जा रही घोषणाएं मान रहे हैं, बिना इस पर विचार किये कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में या फिर भाजपा शासित राज्यों द्वारा पुलिस फ़ोर्स में इन अग्निवीरों की भर्तियां संभव ही हैं या सिर्फ मौजूदा हालात को काबू में करने के लिए इस तरह के एलान हो रहे हैं.

