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नंदन नीलेकणि ने किया क्रिप्टोकरेंसीज का समर्थन


नंदन नीलेकणि ने किया क्रिप्टोकरेंसीज का समर्थन

नई दिल्ली: केंद्र सरकार भारत में सभी क्रिप्टोकरेंसीज को प्रतिबंधित करने की योजना बना रही है और देश के टॉप टेक्नोक्रेट व आधार आर्किटेक्ट Nandan Nilekani ने इसका समर्थन किया है. नीलेकणि के मुताबिक लोगों को क्रिप्टो में निवेश के लिए मंजूरी दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि इसे एसेट क्लास की तरह मानना चाहिए और लोगों को इसमें निवेश की मंजूरी दी जानी चाहिए.

नीलेकणि का बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार जल्द ही संसद में क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ डिजिटल करेंसी बिल, 2021 लाने की तैयारी में है. इस बिल के तहत सभी प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसीज को बैन कर दिया जाएगा. सरकार यह कदम आतंकी फंडिंग, मनी लांड्रिंग और अन्य प्रकार की अवैध गतिविधियों में इसके इस्तेमाल को लेकर जुड़ी चिंताओं पर उठा रही है.

नंदन नीलेकणि ने कहा कि एक एसेट क्लास के रूप में क्रिप्टों में लोगों को निवेश की मंजूरी देनी चाहिए. नीलेकणि के मुताबिक यह यूपीआई की तरह तेज ट्रांजैक्शन मीडियम के तौर पर काम नहीं करेगा लेकिन इसमें बहुत पूंजी है. क्रिप्टो स्पेस के स्टार्टअप्स ने नीलेकणि के बयान का स्वागत किया है. ऑटोमेटेड क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म मुड्रेक्स ने फाइनेंसियल एक्सप्रेस ऑनलाइन से बातचीत में कहा कि दुनिया भर के कई दिग्गज क्रिप्टो को इंटरनेट की करेंसी के रूप में विचार कर रहे हैं और अब क्रिप्टो को लेकर नंदन नीलेकणि के सकारात्मक रूख ने स्पष्ट किया है कि ऐसी स्थितियां यहां भी हैं. पटेल ने कहा कि नीलेकणि ने सही तरीके से स्पष्ट किया है कि क्रिप्टो की तुलना यूपीआई से नहीं की जा सकती है बल्कि इसे ट्रांजैक्शन मीडियम नहीं माना जाना चाहिए बल्कि क्रिप्टो इससे बहुत अधिक है. एक एसेट के रूप में माना चाहिए. पटेल के मुताबिक क्रिप्टो को मंजूरी मिलती है तो यह भविष्य के फाइनेंसियल सिस्टम को मजबूती देगी.

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