लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने दावा किया है कि ईद उल फितर के मौके पर पहली बार कहीं भी सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी गई। सरकार ने यह भी दावा किया है कि इस गांव में जगह कम पड़ी तो 2 शिफ्टों में नमाज को पूरा किया गया। दावा किया गया है कि पहले से तय की गई जगहों पर ही नमाज में पढ़ी गई है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुस्लिम धर्म गुरुओं का भी आभार व्यक्त किया है। गौरतलब है कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही मुस्लिम धर्मगुरुओं से अपील की थी कि नमाज सड़क पर ना पढ़ी जाए। हापुड़ और गाजियाबाद में मस्जिद और इस गांव में जगह नहीं मिली तो अलग-अलग शिफ्ट में नमाज अदा करवाई गई।
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शासन के अनुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश में करीब 33000 जगहों पर नमाज अदा की गई है। जिसमें से 28 साल बाद उसका पर सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए थे। गौरतलब है कि मंगलवार को ईद अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती एक साथ पूरे प्रदेश में मनाई गई। इसको लेकर अनुमान जताया जा रहा था कि कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। क्योंकि राजस्थान के जोधपुर में दो समुदायों के बीच जमकर बवाल हुआ है। इसको देखते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली थी, साथ ही योगी आदित्यनाथ ने भी यह निर्देश दिया था कि बिना किसी विवाद के इन तीनों त्योहारों को मनाया जाए।
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