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Mutual Fund : पैसिव फंड इक्विटी बाजार में किसी नए व्यक्ति के लिए सबसे उपयुक्त उत्पाद है


Mutual Fund : पैसिव फंड इक्विटी बाजार में किसी नए व्यक्ति के लिए सबसे उपयुक्त उत्पाद है

भारत की $422 अरब की संपत्ति प्रबंधन कारोबार को आखिरकार पैसिव निवेश चक्र का लोहा मानना पड़ा है| दशकों की धीमी वृद्धि के बाद इंडेक्स-ट्रैकिंग या एक्सचेंज-ट्रेडेड निधि में निवेश करने वाले खातों की संख्या, अप्रैल तक दुगने से ज्यादा बढ़कर 5.6 मिलियन हो गयी है| हाल के कुछ सालों में भारत मे पैसिव निवेश में काफी बढोतरी देखने को मिली है| इस समय, जबकी भारत बुल रन में है (अगर हम लंबे समय को देखे), पैसिव थीम ऑनबोर्ड के साथ साथ इंडेक्स (निफ्टी50/सेंसेक्स) में उछाल जारी रहने का अनुमान है| अमरीका में 40% से ज्यादा निधि का प्रबंधन पैसिवरूपसे ही हो रहा है।

जहाँ एक ओर एक्टिव फंड मजबूत हो रहा है, वहीं दूसरी ओर पैसिव फंड में भी निवेश काफी तेजी से बढ़ता हुआ नजर आ रहा है| वर्ष 2011 में पैसिव फंड में कुल संपत्ति प्रबंधन 11% से भी कम था, जो अब 10% है| बैंकिंग, फार्मा, आईटी तथा निफ्टी और सेंसेक्स इंडेक्स के बाहर के सेक्टर में पैसिव निवेश किया जाता है| जैसे जैसे निवेशकों का रुझान बढ़ेगा, हम सारे इंडेक्स धीरे धीरे पैसिव निवेश के लिए आगे आते हुए देखेंगे| मियादी जमा योजना में घटते ब्याज दरों की वजह से बड़े संस्थानों, ट्रस्ट अधिक मुनाफे के लिए पैसिव फंड में निवेश कर रहे है।

सुश्री रितु मोदी, फंड प्रबंधक – इक्विटी पैसिव फंड्स, एलआईसी म्युच्युअल फंड संपत्ति प्रबंधन, कहती है, “बढ़ती महंगाई और घटते ब्याज दरों को चलते इक्विटी मार्किट में निवेशकोंकी संख्या बढ़ सकती है| और खासकर नए निवेशकों के लिए पैसिव फंड उचित विकल्प हो सकता है| यह प्रमाणित, सुलभ, प्रबंधन करने में आसान होता है तथा इसमें निवेशकों को स्टॉक चुनने और उनपर नजर रखने की जोखिम कम होती है। ”

इक्विटी मार्किट में कदम रखनेवाले नए निवेशकों के लिए पैसिव फंड बेहतरीन उत्पाद है| इक्विटी मार्किट में आनेवाले नए निवेशक, सीधे इक्विटी निवेश से पहले, काम से कम 3 साल तक पैसिव फंड में निवेश करें| भारतमें इक्विटी फंड के काफी कम पैंठ को देखते हुए, अनुकूल जनसांख्यिकी के साथ, और भी ज्यादा लोग इक्विटी मार्किट में कदम रख सकते है।

पैसिव तथा एक्टिव फंड में केवल उनके प्रबंधन के तरीकेका फ़र्क होता है| एक्टिव फंड में, फंड प्रबंधक अधिकतम मुनाफे के लिए विशिष्ट स्टॉक का चयन करता है| पैसिव फंड, उन्ही स्टॉकमें, उसी वेटेजमें, निवेश कर इंडेक्स (जैसे निफ्टी50) के निष्पादन (परफॉरमेंस) पर नजर रखने के लिए बनाये जाते है. अमूमन यह प्रक्रिया ऑटोमेटेड होती है।

पैसिव फंड की ओर बढ़ते रुझान की एक वजह यह भी है कि यह अधिकतर एक स्टॉक्स की एक तय सूची होती है, इसमें ज्यादा अनुसंधान की जरूरत नही होती तथा इसमें कारोबार का खर्चा काम होता है| चूंकि इनपर 0.1%-0.2% का शुल्क लगाया जाता है, पैसिव निवेश उत्पादों में लागत कम होती है, जबकि एक्टिव फंड में यह शुल्क संपत्ति के 1-1.5% तक हो सकता है. पैसिव फंड सरल, नजर रखने में आसान और इनमें बाजार पर नियमित नजर रल्हन की जरूरत न होने की वजह से यह अपनेआप में काम लागतवाले निवेश होते है।

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