Business:- रिटेल निवेशकों के चलते इस समय म्युचुअल फंड में ग्रोथ देंखने को मिल रही है। वित्त वर्ष 2021 से 2022 में इसका सिस्टेमैटिक इंवेसमेन्ट प्लान में निवेश का रेश्यो बढ़कर 1.24 लाख करोड़ रुपये हो गया है। जो पिछले साल की तुलना में 30 गुना अधिक है। इस आंकड़े से स्पष्ट है की निवेशकों का रुझान म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट करने के लिए बढ़ा है और अब वह म्युचुअल फंड में इंवेसमेन्ट करने के लिए तैयार है और इसपर विश्वास जता पा रहे हैं।
अगर हम एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों पर नजर डाले तो 2020-21 में एसआईपी के जरिये 96,080 करोड़ रुपये का निवेश आया था जो इस बार की तुलना में काफी कम है क्योंकि इस बार इंवेसमेन्ट प्लान में निवेश का रेश्यो बढ़कर 1.24 लाख करोड़ रुपये हो गया है। जो पिछले वर्ष से 30 फीसदी अधिक है।
निवेशकों की म्युचुअल फंड की ओर बढ़ी रुचि के संदर्भ में मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर मैनेजर-रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव कहते हैं कि निवेशकों की बढ़ी रुचि देखकर प्रतीत होता है कि अब लोग म्युचुअल फंड में इंवेसमेन्ट करने के लिए रुझान दिखा रहे हैं। एसआईपी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) मार्च के अंत तक बढ़कर 5.76 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो मार्च 2021 के अंत तक 4.28 लाख करोड़ रुपये था। इसे देखकर स्पष्ट है कि अब म्युचुअल फंड ने मार्केट में अपनी धमक बना ली है पिछले पांच वर्ष में इसके इन्वेस्टर की संख्या में इजाफा हुआ है और वर्ष 2016-17 में यह 43,921 करोड़ रुपये था जो आज बढ़कर 1.24 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
