व्यापार:- अगर कोई व्यक्ति केंद्र की नौकरी करता है और वह कही गायब हो जाता है तो उसको मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उसके परिवार को प्राप्त होना चाहिए।
पेंशन के संदर्भ में सीसीएस रूल्स 1972 के अंतर्गत केंद्र सरकार के अंतर्गत कार्य करने वाले एंप्लॉय की पेंशन के मामले में डिपार्टमेंट ऑफ पेंशन एंड पेंशनर्स वेलफेयर (DoPPW) ने 25 जून 2013 को एक ऑफिस मेमोरेंडम में जारी किया था।
डिपार्टमेंट में जारी पेंशन एंड पेंशनर्स वेलफेयर में यह इस बात का उल्लेख किया गया था कि यदि व्यक्ति नहीं है तो उसकी पेंशन का लाभ उसके परिजनों को किस प्रकार से प्राप्त हो सके। इसके साथ ही यह पेंशन के नियमों में होने वाले परिवर्तन को भी संदर्भित करता है।
इस मेमोरंडम के मुताबिक यदि केंद्र सरकार में कार्यकाल के दौरान कोई एम्प्लॉय गायब हो जाता है तो फैमिली पेंशन का पूरा फायदा उसके परिवार को दिया जाएगा। इसमे परिवार को उसको मिलने वाली सुविधाओं जैसे का एरियर, ग्रेच्यूटी और लीव इनकैशमेंट का बेनेफिट्स दिया जाएगा। लेकिन इन सभी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए परिजनों को कुछ विशेष नियमों को पालन करना होगा।
इस नियम में यह स्पेसर रूप से वर्णित है कि यदि सीसीएस (पेंशन) रूल्स के अनुसार अगर कोई परिवार पेंशन का लाभ उठाता है तब तक के लिए कर्मचारी को परमानेंट रिटायर माना जाएगा। वह जॉब नहीं कर सकता है।
