- कहा, गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की गयी
सोनीपत। सिंधु बार्डर पर हुई हत्या के मामले में एक आरोपी ने सरेंडर कर दिया है। आरोपी का कहना है कि गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की गयी थी। उसने हत्या का किसान आंदोलन से कोई संबंध न होने की बात कही।
आज सिंघु बाॅर्डर पर किसानों के मंच के बैरिकेड पर एक पंजाब के तरनतारन जिले के चीमा खुर्द गांव निवासी लखबीर सिंह की लाश लटकी मिली। मृतक का बायां हाथ काटा हुआ था। जांच में सामने आया कि गुरु ग्रंथ साहिब से छेड़छाड़ के आरोप पर निहंगों ने अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले 35 वर्षीय लखबीर सिंह की हत्या की गयी है। पुलिस इस हत्या की जांच कर रही थी उधर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने आवास पर बुलाई हाइलेवल मीटिंग में निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश दिये थे। सीएम ने दोषियों को न बख्शने की बात कही। इसके बाद पुलिस विभाग के आला अधिकारी हरकत में आ गये।
Read also: सड़कों से लेकर रेलवे ट्रैक तक किये जाम
आईजी रोहतक जोन संदीप खिरवार, सोनीपत के डीसी ललित सिवाच और एसपी जशनदीप रंधावा निहंगों और किसान आंदोलन से जुड़े नेताओं से बातचीत कर आरोपियों का सरेंडर कराने का प्रयास करते रहे। निहंग जत्थेबंदियां को सरेंडर के लिये तैयार करने के बाद पुलिस टीम निहंगो के डेरे में गयी जहां आरोपी सरबजीत सिंह ने सरेंडर किया।
Read also: सरकार लोगों और उनके धर्मग्रंथों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध : भाजपा
सिरोपा पहना कर कराया सरेंडर
लखबीर सिंह के हत्यारोपी सरबजीत सिंह का सरेंडर सम्मान के साथ कराया गया। सरेंडर की कार्रवाई के दौरान गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शन करने वाले सरबजीत सिंह को सिरोपा पहना कर सम्मानित किया गया। वहां मौजूद निहंगों ने बोले सो निहाल के नारे लगाये। माहौल बता रहा है कि सरबजीत सिंह को हत्यारा नहीं गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वाले को सजा देने वाले के रूप में देखा जा रहा है। सरेंडर करने के बाद सरबजीत सिंह ने कहा भी कि यह गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी का मामला है। किसान आंदोलन से इसका कोई लेना-देना नहीं है।

