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Ranchi News : रामबाबू के नाम पर तैनात मुन्ना भाई ने गूगल सर्च से कर दिया मरीजों का आपरेशन, खुला राज उड़े होश

रांची। प्रदेश की राजधानी रांची के हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में ऐसा मामला सामने आया है। जिसमें एक मुन्ना भाई फर्जी डाक्टर की डिग्री के दम पर तैनाती पा गया। इस मुन्ना भाई ने पिछले कई सालों से अपनी तैनाती के दौरान गूगल  सर्च इंजन के माध्यम से सैकड़ों  मरीजों के आपरेशन और उनका इलाज कर दिया। मजे की बात एक फर्जी डॉक्टर का पता मेडिकल कालेज के प्रशासन को भी नहीं चला।

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लेकिन जब एक शिकायत मेडिकल कॉलेज के सुपरिंटेंडेंट के पास पहुंची तो इसका राज खुला। मेडिकल कालेज प्रशासन की शिकायत पर इस मुन्नाभाई को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। फर्जी डॉक्टर का नाम राम बाबू प्रसाद है। जो पिछले डेढ़ साल से यहां पर नौकरी कर रहा था।  इतना ही नहीं इस तथाकथित फर्जी डाक्टर ने इस दौरान सैकड़ों मरीजों का आपरेशन और मरीजों का बकायदा इलाज भी किया।

मूल रूप से बिहार के सारण जिले के गांव मिल्की का रहने वाला रामबाबू यहां पर तैनाती के बाद पूरी सेलरी भी ले रहा था। इस तथाकथित फर्जी डाक्टर ने हजारीबाग स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में जूनियर रेजिडेंट डाक्टर के रूप में नौकरी के लिए जो दस्तावेज दिये थे वो सब अब जांच में फर्जी पाये गये। यहां तक कि इसने दस्तावेजों में पिता का नाम और अपनी जाति भी गलत दर्ज करवाई हुई थी। 

मामले का खुलासा गत मंगलवार को उस समय हुआ जब मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को इसकी जानकारी हुई। उसने चिकित्सक के रूप में अपना जो रजिस्ट्रेशन नंबर दिया था। उसी नंबर वाले डॉक्टर राम बाबू प्रसाद नामक दूसरा व्यक्ति मुजफ्फरपुर स्थित मेडिकल कॉलेज से पीजी की पढ़ाई कर रहा है।

इस बारे में जब बिहार के मेडिकल काउंसिल से जानकारी मांगी तो इसकी पुष्टि हुई। हजारीबाग के मेडिकल कॉलेज में नौकरी कर रहे इस फर्जी रामबाबू ने फर्जी दस्तावेज जमा किये थे। इस मामले का खुलासा होने के बाद तथाकथित रामबाबू हजारीबाग मेडिकल कॉलेज से फरार हो गया। वह शहर के विष्णुपुरी मुहल्ले में छिपकर रह रहा था।

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पुलिस ने इसको गिरफ्तार कर लिया। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अस्पताल में आने वाले मरीजों से लक्षण पूछने के बाद गूगल सर्च करके उन्हें दवाइयां लिखता था। हैरानी की बात ये कि वह मरीजों की सर्जरी करने वाले डॉक्टरों की टीम में शामिल रहा। उसने इस दौरान गुगल सर्च इंजन के माध्यम से कई मरीजों का आपरेशन भी किया। लेकिन किसी को उसके चिकित्सक होने पर शक नहीं हुआ। मामले का खुलासा होने के बाद मेडिकल कालेज में हड़कंप मचा हुआ है और प्रशासन आरोपी की गिरफ्तारी होने के बाद अपनी लापरवाही पर लीपापोती में लगा है।

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