नई दिल्ली। अहमदाबाद के रहने वाले रमेश शर्मा और उनके परिवार ने मोरबी में हादसे को बेहद करीब से महसूस किया है। यूं कह लीजिए कि रमेश और उनके परिवार को मौत बस छूकर निकल गई है। दरअसल,रमेश मोरबी में केबल ब्रिज टूटने के प्रत्यक्षदर्शी गवाह हैं। हादसे से कुछ देर पहले अपने परिवार के साथ पुल से बाहर निकल आए थे। रमेश और उनके परिवार दहशत के उन लम्हों की दास्तां को जुबानी बया किया। रमेश ने बताया कि वह रविवार दोपहर के समय अपने परिवार के साथ मोरबी केबल ब्रिज पर गए थे। उस समय पुल पर काफी संख्या में लोग मौजूद थे। किसी अनहोनी के डर से पुल के आधे रास्ते से वो लोग लौट आए। कुछ समय बाद रमेश का डर सही साबित हुआ और पुल टूट गया। हादसे में अब तक 150 से अधिक लोगों की मौत की खबर है।
रमेश के मुताबिक जब वह और परिजन के लोग पुल पर पहुंचे तो कुछ युवक जानबूझकर पुल को जोर-जोर से हिला रहे थे। इससे आने-जाने वालों को काफी परेशानी हो रही थी। ऐसे में रमेश को लगा कि इस पुल पर रुकने में खतरा है। इसके चलते वह और उनके परिजन बिना आगे बढ़े ही पुल से लौट आए। रमेश ने बताया कि उन्होंने इस बारे में पुल के स्टाफ को जानकारी दी। लेकिन इस पर स्टाफ ने भी ध्यान नहीं दिया।
रमेश ने बताया कि वह दिवाली की छुट्टियां मनाने के लिए परिवार को साथ लेकर मोरबी गए थे।
रमेश के मुताबिक, युवकों के जानबूझकर पुल हिलाने से किसी किसी सहारे के खड़े रहना आसान नहीं था। इस बारे में पुल के कर्मचारियों को बताया। लेकिन उनका ध्यान अधिक से अधिक टिकट बेचने पर था। कर्मचारियों का कहना था कि भीड़ को नियंत्रित करने को कोई सिस्टम नहीं है। गौरतलब है कि घटनास्थल के वीडियो वायरल हो रहे हैं। जिनमें कुछ युवक जानबूझकर रस्सी पर लात मारते दिखाई दे रहे हैं।

