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Monkeypox Virus Research: इन उपकरणों में कई दिनों तक जीवित रहता है मंकीपॉक्स वायरस, शोध में हुआ खुलासा

नई दिल्ली। मंकीपॉक्स वायरस को लेकर एक अध्ययन में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अमेरिकी रोग नियंत्रण संस्था सीडीसी द्वारा किए गए शोध में कहा गया है कि संक्रमण बीमारी मंकीपॉक्स वायरस कई उपकरणों, जिनमें घरेलू चीजे भी शामिल हैं। उन पर अनेक दिनों तक जीवित रहता है। जो कि फिर से फैल सकता है। सीडीसी द्वारा किए मंकीपॉक्स पर अध्ययन से पता चलता है कि वायरस नियमित रूप से कीटाणुरहित करने के बाद कई दिनों तक सामान्य घरेलू वस्तुओं पर रहकर जीवित की अवस्था में पड़ा रहता है जो कि मनुष्य के संपर्क में आने के बाद फिर से संक्रमित कर सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि अब तक 92 देशों में मंकीपॉक्स के 35,000 से अधिक मामले आ चुके हैं। इनमें पिछले हफ्ते ही लगभग 7,500 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। मंकीपाक्स के मामलों में अब करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 

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सीडीसी अध्ययन के लिए दो मंकीपॉक्स रोगियों के निवास का परीक्षण किया गया। इन रोगियों के आवासों की सतह को नियमित तौर पर कीटाणुरहित किया जाता था। रोगी दिन में कई बार हाथ धोते थे और कई बार स्नान भी करते थे। लेकिन इसके बावजूद भी शोधकर्ताओं में बीमारी के लक्षण दिखाई दिए और 20 दिन बाद 70 प्रतिशत सतहों पर मंकीपॉक्स वायरस मिला। घर के जिन हिस्सों या वस्तुओं पर मंकीपाक्स वायरस पाया गया। उनमें सोफा, कॉफी मशीन,कंबल, कंप्यूटर माउस के अलावा बिजली के स्विच और दरवाजे के हैंडल और लीवर भी शामिल है। बता दें कि मंकीपाक्स वायरस इस समय तेजी से फैल रहा है। भारत में भी मंकीपाक्स के मामले सामने आ चुके हैं।

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