देश को संघ प्रमुख मोहन भागवत के रूप में आज एक और राष्ट्रपिता मिल गया है. इसकी घोषणा किसी हिन्दू संगठन की और से नहीं बल्कि अखिल भारतीय इमाम संगठन के प्रमुख उमर अहमद इलियासी की ओर से की गयी है. इलियासी ने उन्हें राष्ट्रपिता ही नहीं राष्ट्र ऋषि की भी संज्ञा दी है. इलियासी ने राष्ट्र को सबसे ऊपर और मोहन भागवत को राष्ट्रपिता बताते हुए कहा कि हमारा डीएनए एक ही है बस प्रार्थना का ढंग अलग है.
वहीँ फेडरेशन की ओर से शोएब इल्यासी ने इमाम एसोसिएशन और संघ परिवार के बीच पुराने रिश्तों का ज़िक्र करते हुए कहा संघ मज़हब की बात नहीं करता बल्कि राष्ट्र की बात करता है,राष्ट्रवाद की बात करता है और इस नाते भागवत जी पूरे देश के सबसे बड़े संगठन के गार्जियन होने के नाते हमारे भी गार्जियन हुए. शोएब इलियासी ने ये भी कहा कि मोहन भागवत की छवि वैसी नहीं है जैसी पेश की जाती है.
संघ प्रमुख मोहन भागवत पिछले कुछ समय से मुस्लिम समुदाय के बीच अपनी पहुँच बनाने में लगे हुए हैं और इस प्रयास में वो कभी मुस्लिम बुद्धिजीवियों से मुलाकात करते हैं तो कभी मुस्लिम धर्म गुरुओं से और आज तो मस्जिद भी गए, वहां के मदरसे भी पहुंचे और मस्जिद में बनी मज़ार पर फूल भी चढ़ाये। अभी पिछले महीने ही उन्होंने मुस्लिम समुदाय के पांच बुद्धिजीवियों से मुलाकात की थी जिसमें AMU के पूर्व चांसलर लेफ्टिनेंट जनरल जमीर उद्दीन शाह, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी, दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी और व्यवसायी सईद शेरवानी शामिल थे।
