बाजार:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्वला योजना की हालत खस्ता हो गई है क्योंकि महंगाई की गाज आम आदमी पर ऐसी गिरी है कि लोग अब सिलेंडर भरवाने के काबिल नहीं बचे है। लोगो को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है और लोग काफी परेशान हैं कि अगर इसी तरह महंगाई बढ़ती रही तो वह अपना जीवन यापन कैसे करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्वला योजना की हकीकत का खुलासा करते हुए आरटीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई की मार से पूरा देश परेशान हैं करोड़ो की संख्या में लोग उज्वला योजना के तहत मिले सिलेंडर को भरवाने में असमर्थ हैं। उनकी यह दशा उज्वला योजना की सफलता पर बड़ा ग्रहण बनी हुई है।
क्या कहती है आरटीआई की रिपोर्ट:-
अगर हम आरटीआई की रिपोर्ट पर गौर करें तो मार्च 2021 तक आईओसीएल ने जितने कनेक्शन दिए थे उनमें से 65 लाख लोगों ने पिछले फाइनेंशियल ईयर में सिलेंडर नहीं भरवाया था जो बेहद निराशाजनक रहा। वही अगर हम एचपीसीएल की बात करें तो इसके 9.1 लाख और बीपीसीएल के 15.96 लाख लाभार्थियों ने एक बार भी अपना सिलेंडर नहीं भरवाया है। सूत्रों का कहना है कि यह आंकड़ा सिर्फ 2019 तक का है जिन्होंने 2019 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ लिया और एक बार भी सिलेंडर नहीं भरवाया। इस आंकड़े में बीपीसीएल के 28.56 लाख लाभार्थी, आईओसीएल के 52 लाख लाभार्थी और एचपीसीएल के 27.58 लाख लाभार्थी शामिल हैं।
जाने क्यों फेल हुई उज्वला योजना:-
उज्वला योजना के फेल होने का सबसे बड़ा कारण गैस के दाम में हो रही बढ़ोत्तरी है। क्योंकि जो व्यक्ति इस महंगाई के दौर में अपने घर की सुचारू तरीके से रोटी नहीं चला पा रहा वह 900+ का सिलेंडर कैसे भरवायेगा। उज्वला योजना में मिले सिलेंडर पर गाँव के लोगों का कहना है कि मोदी ने पहली बार सिलेंडर फ्री दे दिया और अब मंहगाई का ठप्पा लगा दिया जिससे गरीब आदमी अपना सिलेंडर न भरवा पाए। आज हमारे घर मे उज्वला योजना का सिलेंडर एकदम कोने में बिन पेंदी के लोटे की तरह लुढ़क रहा है।

