Site icon Buziness Bytes Hindi

देश के 21 राज्यों में चल रहे थे VIVO कंपनी के एक ही आईएमईआई नंबर पर मोबाइल

VIVO

मेरठ। वीवो कंपनी के कारनामो के नित नए खुलासे हो रहे हैं। अब जांच में सामने आया है कि कंपनी के करीब साढ़े 13 हजार मोबाइल मेरठ ही नहीं बल्कि देश के 21 राज्यों में संचालित हो रहे थे। वीवो कंपनी के ये सभी मोबाइल एक ही आईएमईआई नंबर पर संचालित थे। हैरानी की बात कि इसकी जानकारी कंपनी को होने के बाद भी कंपनी ने इन मोबाइलों को बाजार से वापस नहीं मंगवाया और ना ही इसकी जानकारी ट्राई को दी। पुलिस के साथ ही ट्राई और गृहमंत्रालय ने इसको कंपनी की बड़ी लापरवाही माना है। यह भी माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अगर ​कंपनी ने पुलिस और ट्राई को ठीक तरह से जवाब नहीं दिया तो देश में वीवो के मोबाइल बेचने पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
बता दें कि वीवो कंपनी के साढ़े 13 हजार मोबाइल फोन एक ही आईएमईआई नंबर पर चलने के खुलासे के बाद से कंपनी ने चुप्पी साध ली है। वहीं वीवो कंपनी के प्रति पुलिस की सख्ती के चलते अब अन्य दूसरी टेलीकॉम कंपनियों में भी हड़कंप मचा है।

मेरठ जोन पुलिस की साइबर क्राइम सेल और क्राइम ब्रांच इसकी जांच कर रही है। अब नए सिरे से इस पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। बता दें कि एक बार पहले भी मेरठ पुलिस इसकी जांच करके इसमें एफआर लगा चुकी है। लेकिन अब दूसरे सिरे से इस पूरे मामले को रीओपन किया गया और कंपनी पर मुकदमा दर्ज कर फिर से इसकी जांच की जा रही है। इसी जांच में पुलिस ने नया खुलासा किया कि एक आईएमईआई पर चलने वाले चीन की कंपनी वीवो के 13,557 मोबाइल मेरठ ही नहीं बल्कि देश के 21 राज्यों में चल रहे थे।

इसको लेकर अब मेरठ जोन पुलिस ने देशभर में दूसरे मोबाइल नेटवर्क की रिपोर्ट तलब की है। दूसरे नेटवर्क सर्विस प्रोवाइडर से रिपोर्ट लेने के बाद जांच को आगे बढ़ाया जा सकता है। वीवो मोबाइल की जांच में शामिल क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि इस तरह के मोबाइलों की संख्या लाखों में भी हो सकती है।

मेरठ जोन एडीजी राजीव सबरवाल ने कहा कि यह ट्राई के नियमों का उल्लंघन है। इस बारे में वीवो कंपनी से जवाब तलब किया गया है। यह भी जांच में पता किया जा रहा है कि ऐसी त्रुटि किस स्तर पर हुई है। यह कहीं कंपनी द्वारा जानबूझकर तो नहीं किया गया है।

Exit mobile version