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मिशन शक्ति का बना मजाक: अवैध खनन का विरोध करना महिला दरोगा को पड़ा भारी, रात 12 बजे किया ट्रांसफर


मिशन शक्ति का बना मजाक: अवैध खनन का विरोध करना महिला दरोगा को पड़ा भारी, रात 12 बजे किया ट्रांसफर

लखनऊ: प्रदेश में योगी सरकार महिलाओं सशक्त बनाने के लिए मिशन शक्ति अभियान चला रही है। अभियान के तहत पुलिस महिला अधिकारों के बारे में महिलाओं को जागरुक कर रही है। राजधानी में मिशन शक्ति की धज्जियां खुद पुलिस मह​कमा उड़ा रहा है। दो दिन पहले सोशल मीडिया पर बंथरा थाने में तैनात महिला दरोगा ने इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए इंसाफ की गुहार की थी, लेकिन अधिकारियों ने महिला दरोगा पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए उसे बंथरा थाने से हटाकर सरोजनीनगर थाने में भेज दिया है।

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सोशल मीडिया पर वारयल खनन का सच

गौरतलब है​ कि बीते 9 जनवरी को बंथरा कोतवाली में तैनात दरोगा हसीना खानूत ने सोशल मीडिया पर खुद का वीडियो वायरल किया था। जिसमें महिला दरोगा ने इंस्पेक्टर अजय प्रताप सिंह पर खनन माफियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था। महिला दरोगा का कहना था कि इंस्पेक्टर और उनका खास सिपाही अवध किशोर उसे मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहा है। दोनों मिलकर क्षेत्र में अवैध खनन करवाते हैं। जब उसने खनन माफियों पर कार्रवाई करनी चाही तो इंस्पेक्टर और सिपाही ने उसके साथ बदसुलूकी की थी। जब ये वीडियो तुल पकड़ने लगा तब इंस्पेक्टर अजय प्रताप सिंह ने खनन की बात को पूरी तरह से झूठला दिया था। लेकिन सोमवार को एक वायरल वीडियो ने सच्चाई बयां कर दिया। असल में ये वीडियो बंथरा थानाक्षेत्र का है जहां खनन माफिया पुलिस के संरक्षण से मिट्टी का कटान करते हैं।

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इंसाफ के बदले किया तबादला

बता दें कि महिला दरोगा ने वीडियो वायरल कर अधिकारियों से इंसाफ की गुहार की थी। महिला दरोगा का आरोप है कि उसे कई बार मामले की शिकायत अधिकारियों से की। इसके बावजूद उसे न्याय नहीं मिला। जब ये वीडियो तुल पकड़ने लगा तो एसीपी कृष्णानगर अनूप कुमार ने जांच के आदेश दिए थे। सोमवार को एसीपी ने महिला दरोगा को बंथरा थाने से हटाकर सरोजीनगर थाने में भेज दिया है। अब इस जांच को ठंडे बस्ते में डम्प कर दी है।

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