22 अगस्त 2022 सोमवार को सुबह 3ः36 से 23 अगस्त मंगलवार को सुबह 6ः06 तक एकादशी लग रही है। इस बार 23 अगस्त मंगलवार को एकादशी का उपवास करना शुभ होगा। ज्योतिषशास्त्र में एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं बताया गया है। जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से मिलता है। उससे कई गुना पुण्य एकादशी के व्रत करने से प्राप्त होता है। इसके अलावा जो पुण्य गौदान, स्वर्णदान, अश्वमेघ यज्ञ से मिलता है। उससे अधिक पुण्य एक एकादशी के व्रत से मिलता है। एकादशी करनेवालों के पितर को भी नीच योनि से मुक्त मिलती है। जिससे परिवार वालों पर प्रसन्नता बरसती हैं। यह व्रत करने वालों के घर में सुखशांति बनी रहती है। इसके अलावा धनधान्य और पुत्रादि की वृद्धि भी होती है।
एकादशी के दिन करें ये काम
एकादशी को दिया जलाकर विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें। विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र की जप लें। अगर घर में झगडे होते हों। तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे।
महीने में प्रत्येक 15 दिन बाद एकादशी आती है। एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा करने वाला है। लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी व्रत नहीं करें।
