महाराष्ट्र कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे मुरली देवड़ा के बेटे और मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री रहे मिलिंद देवड़ा ने कांग्रेस पार्टी को टाटा बाय बाय कह दिया है और अब वो शिंदे गुट वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। देवड़ा परिवार का कांग्रेस के 56 साल पुराना रिश्ता था, मिलिंद देवड़ा के पिता मुरली देवड़ा कांग्रेस के कद्दावर नेता थे लेकिन आज देवड़ा परिवार से कांग्रेस के रिश्ते का अंत हो गया.
मिलिंद देवड़ा के इस्तीफे के बाद कांग्रेस पार्टी के मीडिया प्रभारी और पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने उनके पार्टी छोड़ने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका बताई है. जयराम रमेश ने कहा इस फैसले के पीछे पीएम मोदी हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है. जयराम रमेश ने मुरली देवड़ा को याद करते हुए कहा कि वो हर दुख-सुख में पार्टी के साथ खड़े रहे थे क्योंकि वो एक कट्टर कांग्रेसी थे, पार्टी उन्हें आज भी बहुत याद करती है. वही मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष वर्षा एकनाथ गायकवाड़ ने मिलिंद देवड़ा के इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि एक कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में मैं आज दुखी महसूस कर रही हूं।
मिलिंद देवड़ा ने अपना इस्तीफ़ा सोशल प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से दिया, उन्होंने अपनी पोस्ट में इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि आज उन्होंने कांग्रेस पार्टी की की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा देकर कांग्रेस पार्टी के साथ परिवार का 55 साल पुराना रिश्ता खत्म कर दिया है. बताया जा रहा है कि मिलिंद देवड़ा के कांग्रेस छोड़ने की वजह ये है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी की गठबंधन सहयोगी शिवसेना उद्धव गुट द्वारा मुंबई दक्षिण लोकसभा क्षेत्र पर दावा कर रही थी, देवड़ा को लग रहा था कि कांग्रेस पार्टी उस सीट से अपना दावा छोड़ सकती है, देवड़ा पहले इसी लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया करते थे।