मंगलवार को देहली गेट, परतापुर, लालकुर्ती, नौंचदी, कंकरखेड़ा के बाजार खोले गये
कैंची वालों को भी हुआ नुकसान, चिंतित हो गये कपड़ों का कारोबार करने वाले व्यापारी
मेरठ। काफी समय से बंद चल रहीं दुुकानों को मेरठ प्रशासन ने साफ-सफाई के लिये चंद घंटोे के लिये खोलने की इजाजत दी है। मंगलवार को देहली गेट, परतापुर, लालकुर्ती, नौंचदी, कंकरखेड़ा के बाजार खोले गये। दुकानदारों ने दुुकान में रखे सामान को सफाई के बाद सही तरीके से रखा। अनेक दुुकानदार अपनी दुकान का हाल देखकर बेहद परेशान थे। किसी का माल चूहे कुतर गये तो कहीं सीलन के कारण माल खराब हो गया था। वहीं मेरठ का मशहूर कैंची उद्योग भी लाॅकडाउन का शिकार हुआ और गोदाम में रखा काफी माल खराब होने की स्थिति में आ गया है। हालांकि चंद घंटे के लिये खोली दुकान में नुकसान का सही आंकलन नहीं हो पाया है। मगर दुकान न खुलने के बाद माल खराब होना व्यापारियों के लिये दोहरी मार है।
लाॅकडाउन की बंदिशों के बीच मंगलवार को व्यापारियों ने दुकानों और गोदामों को साफ-सफाई के लिए खोला। दोपहर एक से शाम चार बजे तक दुकानों में रहे व्यापारी ने सामान को व्यवस्थित किया। लंबे अरसे से बंद पड़ी दुकानों में रखे माल को बारिश, सीलन आदि से काफी नुकसान पहुंचा। वहीं कपड़ों का कारोबार करने वाले व्यापारी बेहद चिंतित थे। उनका कहना था की कपड़ों का फैशन सीजनल होता है। यदि बाजार जल्द ही पहले की तरह नहीं खुले तो कपड़े आउट आॅफ फैशन हो जायेंगे और उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। वहीं गारमेंट्स, फुटवियर, कागज, स्टेशनरी, साड़ी, किड्स वियर आदि का कारोबार करने वालों का भी काफी माल खराब हो गया। चूहों द्वारा कुतरे जाने के कारण काफी माल का नुकसान उठाना पड़ा है। बुधवार दो जून को लिसाड़ी गेट, टीपी नगर, रेलवे रोड, मेडिकल काॅलेज, पल्लवपुरम के बाजार साफ-सफाई के लिये खोले जायेंगे।

