Site icon Buziness Bytes Hindi

BTC Chai Wali: मिलिए इस बीटीसी चाय वाली से, जिसने सुबह सिविल परीक्षा दी और शाम को संभाली दुकान

लखनऊ। पहले जहां चाय की दुकान चलाने वालों को हीनभावना की दृष्टि से देखा जाता था। आज वहीं ग्रेजुएट और टैक्निकल डिग्रीधारी भी चाय की दुकान को अपने रोजगार का माध्यम बना रहे हैं। हैरानी की बात इन चाय की दुकान वालों में पुरुष की अपेक्षा महिलाओं की संख्या अधिक है। ऐसे ही प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बीटीसी चायवाली सृष्टि एक मिसाल बनी हुई है। जो सिविल सर्विसेंज की तैयारी के साथ ​ही चाय की दुकान पर चाय बेंचकर अपना खर्च चला रही है। रविवार को यूपीएससी की परीक्षा सृष्टि ने सुबह दी और उसके बाद शाम को उन्होंने अपनी चाय की दुकान संभाल ली।

Read also: Uttarpradesh News Today: प्रशासन ने 21 लाख में बेच दी लॉकडाउन में छूटी मजदूरों की साइकिल

सृष्टि का कहना है कि लोग बीटीसी डिग्री का मजाक बनाते हैं। इस कारण से उन्होंने अपनी चार की दुकान का नाम ही बीटीसी चाय वाली रख दिया है। उनको इस काम में कोई झिझक व शर्म नहीं है। रविवार को सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा देने के बाद वो अपने काम में जुट गई। अलीगंज निवासी सृष्टि वर्मा इस समय सोशल साइटस जैसे ट्विटर, इंस्टाग्राम और यू ट्यूब पर सुर्खियां बटोर रही हैं। सृष्टि ने 2017 में गणित व भौतिक विषय में बीएससी के बाद 2019 में बीटीसी परीक्षा पास की थी। सीटेट की प्राइमरी व जूनियर की परीक्षा पास कर चुकी है। सृष्टि चाय के साथ फास्ट फूड के व्यंजन बनाती है।

Read also: त्रिवेंद्र सिंह रावत की एक और बड़ी योजना पर लगा सरकारी ग्रहण 

सृष्टि का कहना है कि उनके पिता स्वर्गीय वासुदेव प्रसाद वर्मा बाराबंकी बिटरिया कॉलेज में लेक्चरर थे। 2001 में उनका निधन हो गया। उनकी मां आशा वर्मा 2015 में शिक्षिका पद से रिटायर हैं। बड़े भाई का मानसिक विकास असामान्य है। सृष्टि का कहना है कि वो आय के ऐसा साधन बना देना चाहती हैं जिससे परिवार का सहारा बन सके।सृष्टि बताती हैं कि इनको इस काम को करने में किसी प्रकार की कोई शर्म नहीं है। उनकी दुकान सुबह से शाम तक और रात तक चलती हैं।

Exit mobile version