चिकित्सकों ने श्रीपाल के जज्बे को सराहा
मेरठ। अपनी हिम्मत और प्रतिरोधक क्षमता के बल पर 92 साल के वृद्ध ने कोरोना को हरा दिया। मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में भर्ती बागपत निवासी ये बुजुर्ग ठीक होकर अपने घर चले गए। डॉक्टरों ने भी कोरोना से मुकाबला करने को लेकर उनके जज्बे को सराहा।
बागपत निवासी 92 वर्षीय श्रीपाल जैन को कोरोना संक्रमित होने के कारण मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया था। वह ऐसे समय मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुए थे, जब कोरोना मरीजों की मौत के कारण मेडिकल की बदनामी हो रही थी। शासन ने भी अधिकारियों और विशेषज्ञों की टीम मौत के कारणों का पता लगाने के लिए भेजी हुई थी। ऐसे में 92 वर्षीय कोरोना मरीज को लेकर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के सामने भी एक बड़ी चुनौती थी। इस चुनौती को डॉक्टरों ने बखूबी निभाया और श्रीपाल जैन पूरी तरह से स्वस्थ हो गए।
बुधवार को अस्पताल से डिस्चार्ज होते समय श्रीपाल कोरोना को हराने के कारण खुश थे और उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों को आशीर्वाद दिया। बुजुर्ग को लेने के लिए आए उनके पुत्र शोभाराम जैन ने इसके लिए अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों का ध्यान दिया। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. एसके गर्ग का कहना है कि 92 साल की उम्र में कोरोना को मात देना अद्भुत है। इसमें डॉक्टरों की मेहनत के साथ-साथ मरीज की इच्छाशक्ति व प्रतिरोधक क्षमता का महत्वपूर्ण रोल रहा है। इससे पहले भी मेरठ में कई अधिक आयु के कोरोना रोगी ठीक होकर अपने घर गए हैं।

