मेरठ। आज मेरठ निगम कार्यकारिणी की अहम बैठक करीब आठ महीने बाद हुई। जिसमें सर्व सम्मति से कई प्रस्ताव पास किए गए। वहीं मेरठ महानगर में सफाई का काम देख रही कंपनी बीवीजी की कार्यप्रणाली पर सभासदों ने आपत्ति उठाई। बता दें कि आगामी दिसंबर में नगर निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में यह बैठक काफी अहम मानी गई थी। लेकिन बैठक में बिना किसी हंगामे के कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई। बैठक में निगम ने आय बढ़ाने वाला एजेंडा तैयार किया। कार्यकारिणी की आज की बैठक में ट्रेड लाइसेंस में वृद्धि का प्रस्ताव पूरी तरह से खारिज कर दिया गया। वहीं शहर से कूड़ उठाने वाली कंपनी बीवीजी को काली सूची में डालने की मांग पार्षदों ने एक सुर में उठाई।
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निगम कार्यकारिणी बैठक में कार्यकारिणी उपाध्यक्ष रंजन शर्मा ने कहा कि बीवीजी कम्पनी को जयपुर में पहले ही ब्लैक लिस्ट किया गया है। वहीं सदस्य अंशुल गुप्ता ने कहा कि बिना सहमति के कम्पनी ने वार्डो से कैसे यूजर चार्ज वसूली शुरू कर दी। पार्षदों ने आरोप लगाया कि कम्पनी ने शहर को साफ करने के बाद इसको पूरी तरह से नरक बना दिया। सदस्यों ने कंपनी प्रतिनिधि को बैठक में बुलाए जाने का की मांग की। सदस्यों ने कहा कि मनमाना गृहकर बढ़ाकर भेजा जा रहा है। जीआईएस सर्वे में गड़बड़ी का भी आरोप लगाया गया। महापौर सुनीता वर्मा ने भी सम्पत्तियों के जीआईएस सर्वे में गड़बड़ी की बात को स्वीकार किया। महापौर ने कहा कि आखिर 500 रुपये का गृहकर एक दम से बढ़कर 50 हजार कैसे हो सकता है। आज निगम कार्यकारिणी की बैठक में जो प्रस्ताव पास हुए उनमें आउट सोर्स सफाई कर्मचारियों का मानदेय 16500 करने का प्रस्ताव पास किया गा है। हेल्थ मैनुअल के मुताबिक आउटसोर्स सफाई कर्मी भर्ती करने का प्रस्ताव पास हुआ है। सफाई कर्मियों को अब पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा और 25 लाख का जीवन बीमा पास किया जाएगा। इसके अलावा अब पालतू कुत्तों का वार्षिक रजिस्ट्रेशन शुल्क का प्रस्ताव भी पास कर दिया गया है।

