लखनऊ: गैरकानूनी धर्म परिवर्तन अध्यादेश लागू होने के बाद यूपी में ऐसे मुकदमों की संख्या लगातार बढ़ रही है. 27 नवंबर 2020 को कानून लागू होने के बाद धर्मान्तरण के 50 केस दर्ज हो चुके हैं जिनमें 20 में आरोप पत्र भी दाखिल किये जा चुके हैं. इनमें से सबसे ज़्यादा मामले मेरठ ज़ोन में दर्ज हुए हैं. एक तरह से कह सकते हैं कि मेरठ ज़ोन अवैध धर्मांतरण का गढ़ बनता जा रहा है.
प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि 27 नवंबर 2020 को अध्यादेश लागू होने के बाद अब तक 50 मुकदमे दर्ज हुए हैं जिनमें 22 मामलों में पुलिस चार्जशीट भी लगा चुकी है वहीं 25 मामलों में विवेचना चल रही है. अभीतक सिर्फ तीन मामलों में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाई है. अवैध धर्मान्तरण के सबसे ज्यादा 12 मामले मेरठ जोन में दर्ज हुए हैं. इसके बाद दूसरा नंबर बरेली जोन का है जहाँ 10 केस दर्ज हुए हैं, वहीँ गोरखपुर जोन में 7, नोएडा कमिश्नरेट में 5, लखनऊ कमिश्नरेट और वाराणसी जोन में चार-चार, आगरा जोन में 3, प्रयागराज जोन में 2 और कानपुर कमिश्नरेट में एक मामला दर्ज हुआ है
इन 50 मुकदमो में 130 आरोपियों को नामजद किया गया जिसमें विवेचना के दौरान 16 आरोपियों की नामजदगी को गलत पाया गया . पुलिस ने अब तक 78 आरोपियों की गिरफ्तारी की है जबकि पांच ने कोर्ट में सरेंडर किया है.

