मेरठ में एक लैब टेक्नीशियन की कोरोना से मौत के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है, लैब टेक्नीशियन के सहयोगी कर्मचारी CMO दफ्तर पर धरने पर बैठ गए हैं और परिवार को आर्थिक मदद देने की मांग कर रहे हैं.
वीडियो हुआ था वायरल
दरअसल कुछ दिन पहले मेरठ में एक लैब टेक्नीशियन अंशुल का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वो मेडिकल कॉलेज पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे थे. वीडियो में वो कहते नजर आ रहे थे कि उनका ट्रीटमेंट ठीक से नहीं हो रहा है. वो ये भी कह रहे थे कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है. उन्होंने इस बात पर दुख जाहिर किया था कि जब एक हेल्थ वर्कर के तौर पर उनके साथ ऐसा सलूक हो रहा है तो दूसरों के साथ क्या व्यवहार होता होगा. लैब टेक्नीशियन ने वीडियो में कहा था कि जो भी आता है बस पल्स रेट चेक करके चला जाता है.
मेडिकल का इलाज में लापरवाई से इंकार
अब जब मामले ने तूल पकड़ा तो मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल की तरफ से भी सफाई पेश की गई. प्रिंसिपल डॉक्टर ज्ञानेन्द्र का कहना है कि समय से लैब टेक्नीशियन को दवाइयां मिल रही थीं. कोविड का इलाज दिया जा रहा था. इंजेक्शन भी लगाया जा रहा था. उन्होंने किसी भी लापरवाही से साफ इनकार कर दिया है. वहीं मेरठ के सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन का कहना है कि उन्होंने भी वीडियो देखा है और इसकी जांच की जाएगी. जो भी दोषी होगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

आर्थिक सहायता की मांग
लैब टेक्नीशियन अंशुल की कोरोना से मौत के बाद अब उनके साथियों ने सीएमओ ऑफिस के सामने ही श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया और धरना दिया.
कर्मचारियों का कहना है कि लैब टेक्नीशियन बीमारी में भी लगातार काम कर रहे थे जिसकी वजह से वे और ज्यादा बीमार होते चले गए और अब उनकी मौत हो गई. कर्मचारियों की मानें तो उनके आने का टाइम तो होता है लेकिन जाने का टाइम नहीं होता है. कर्मचारियों ने मांग की है कि अंशुल के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जाए.

