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Meerut News: बदल गया सोतीगंज का चोर बजार,अब दिखती हैं खाने और कपड़ों की दुकाने

मेरठ। पूरे उत्तरी भारत में चोर बाजार से कुख्यात मेरठ का सोतीगंज चोर बाजार में अब बदलाव की बयार बह रही है। कभी ये चोर बाजार चोरी के वाहनों की खरीद-बिक्री के लिए कुख्यात था। लेनि अब इस सोतीगंज का नजारा बदला-बदला सा दिख रहा है। अभी कुछ महीने पहले तक सोती गंज बाजार में लोग जाना भी पसंद नहीं करते थे। देश में कहीं वाहन चोरी हो। पुलिस छापा यहीं मारती थी। 11 दिसंबर के बाद इस सोतीगंज बाजार में पुलिस का ऐसा चाबुक चला कि पूरे बाजार की काया पलट गई। पुलिस ने अब इस बाजार में कबाड़ की सैकड़ों   करवा दी हैं।

 
सोतींगज की गलियां में पेट्रोल-डीजल और ग्रीस की दुर्गंध  नहीं, बल्कि इत्र की सुगंध आती है। किसी दुकान पर टंगे लखनवी चिकन के कुर्ते पारंपरिक पहनावे की याद दिलाते हैं तो रेस्तरां से उठ रही मुगलई भोजन और छोले-भटूरे की खुशबू बरबस ही अपनी और खींच लेती है। यकीन नहीं होता कि यह वही सोतीगंज है, पहले वाला। पहले पुलिस के साथ-साथ आमजन भी इस बाजार पर शक भरी नजर घुमाते थे लेकिन अब यहां नजर पड़ते ही अलग एहसास होता है। 

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सोतीगंज निवासी सुहेल पहले मोटर पार्टस का व्यापार करते हैं। अब उन्होंने यहां अरबन स्टोर के नाम से इत्र की दुकान खोली है । सुहेल बताते हैं कि फिलहाल वह दिल्ली से माल लाते हैं, लेकिन अब मुंबई से माल ला रहे हैं। उनकी दुकान पर इत्र खरीद रहे आसिफ ने बताया कि टीपीनगर क्षेत्र से आए हैं। सुहेल ने बताया कि उनकी दुकान में 70 रुपये से 1500 रुपये तक का इत्र है। इसी के पास ही फैंसी कपड़े और लखनवी चिकन के कुर्ते भी बिक रहे हैं।
न्यू इंडिया शापिंग सेंटर के मालिक अकरम ने बताया कि उनका पुराने टायर का काम था।

लेकिन बाजार में दुकान थी तो बंद करनी पड़ी। उन्होंने दो माह पहले शापिंग सेंटर शुरू किया है। दिल्ली से माल लाते हैं। सोतीगंज निवासी राशिद का मोटर पार्टस का काम था। अब काम बदल लिया है। वो अब कोल्ड ड्रिंक का काम कर रहे हैं। जीएसटी नंबर ले चुके हैं। कंपनियों के डिपो से माल मंगाकर इसे शहर की दुकानों पर सप्लाई करते हैं। कुछ लोग सीधे गोदाम से भी माल खरीदते हैं।

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किसी को मुगलई भोजन खाना हो तो उसके दिमाग में सबसे पहले गढ़ रोड की तस्वीर बनती है। हालांकि अब बदले सोतीगंज में जायका लोगों को खूब लुभा रहा है। दिल्ली रोड के दोनों ओर दुकानों में मुगलई खाने के साथ-साथ छोले भटूरे का भी इंतजाम है। भोजन की सुगंध आती है, तो इसके शौकीन लोगों के कदम रुक जाते हैं। चिकन की दुकान से निकले असलम ने बताया कि पहले गढ़ रोड जाते थे,लेकिन एक बार यहां खाया था, उसके बाद से यही जायके पसंद आने लगा है।

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