मेरठ। राजस्थान के दौसा जिले में महिला मरीज की इलाज के दौरान मौत होने पर महिला चिकित्सक ने प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। इससे पूरे देश के चिकित्सकों में रोष है। हालांकि आत्महत्या करने वाली महिला डाक्टर ने अपने लिखे सुसाइड नोट में खुद बेगुनाह बताया। महिला डाक्टर द्वारा उठाए कदम से डाक्टरों में आक्रोश है। खरखौदा कस्बे में हापुड़ रोड स्थित नालपुर में इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस में एक बैठक आयोजित हुई। जिसमें सभी चिकित्सकों घटना को निंदनीय बताया और इसके बारे में विरोध प्रकट करते हुए अपनी मांगें रखीं।
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वहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन मेरठ चैप्टर ने हड़ताल को लेकर आइएमए हाल में बैठक बुलाई। जिसमें आज शुक्रवार आठ बजे से दो अप्रैल सुबह आठ बजे तक 24 घंटे ओपीडी, भर्ती, रेडियोडाइग्नोस्टिक सेंटर एवं पैथोलोजी केंद्र बंद रखने की घोषणा की। चिकित्सकों की मांग हैं कि डॉ0 अर्चना शर्मा व डॉ0 सुनीत उपाध्याय पर धारा 302 लगाने वाले एसओ को बर्खास्त करने के साथ ही उस पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुक़दमा दर्ज किया जाए। पुलिस प्रशासन द्वारा दिखाई गई असंवेदनशील के मामले में स्थानीय प्रशासन अधिकारियों को निलंबित किया जाए।

