मेरठ। कभी मेरठ की शान रहा जीटीबी स्कूल आज लड़ाई का मैदान बन गया है। स्कूल मालिक दो भाइयों की लड़ाई के बीच स्कूली बच्चे जहां दहशत में हैं। वहीं जीटीबी स्कूल में पढ़ाने वाली अध्यापिकाएं और अन्य स्टाफ भी सहमा हुआ है। स्कूल परिसर में आए दिन दोनों भाईयों इंद्रजीत सिंह और संजीत सिंह के बीच लाठी डंडे चल रहे हैं। बता दें कि जीटीबी स्कूल का संचालन गुरु तेग बहादुर चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। वर्तमान में इसके चेयरमैन इंद्रजीत सिंह हैं। उनके पास ही स्कूल संचालन के सभी अधिकार हैं। हालांकि ट्रस्ट के विवाद का मामला भी कोर्ट में चल रहा है।
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कल दिन में हुए हंगामे के बाद रात में भी संजीत सिंह पक्ष के लोग स्कूल पहुंचे और बाहर से ताले तोड़ने का प्रयास किया। इस पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्कूल परिसर में पुलिस की शह पर जबरन आठ दस व्यक्तियों के साथ बल प्रयोग करते हुए जबरन घुसना उसके बाद सीसीटीवी डीवीआर निकलना, ऑफ़िस में रखे 50 हज़ार निकलना, पाँच करोड़ रुपये की मांग करना। यह सब लखनऊ में तैनात एक डीजी रेंक के अधिकारी के प्रभाव में होना बताया जा रहा है। जैसा कि स्कूल के चेयरमैन इंद्रजीत सिंह ने बताया कि यह सब डीजी रेंक के अधिकारी आरपी सिंह की शह पर हो रहा है। उन्हीं के कहने पर फ़र्ज़ी एफआईआर लिखी गई थी।
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मेरठ पुलिस भी इस अधिकारी के प्रभाव में आकार अवैधानिक काम करने वालों को संरक्षण दे रही है। जबकि उपरोक्त ट्रस्ट का मुक़दमा ज़िला जज की कोर्ट में लम्बित है। उसके बाद भी इतना सब कुछ होने के बाद आखिर क्या मजबूरी है कि पुलिस करवाई नहीं कर रही। जबकि पुनः चार लोग संजीत सिंह आदि स्कूल के अंदर क़ब्ज़ा करे करके बैठे है। संजीत सिंह अपने अन्य साथियों के साथ जीटीबी स्कूल परिसर में बना हुआ है। जिससे कभी भी कोई भी घटना क्रम घटित हो सकता है। दूसरे पक्ष ने ताले लगा दिये है। इस ओर अंदर तोड़फोड़ कर एक पक्ष पहुंच गया।

