मेरठ। मीट माफिया और बसपा सरकार में मंत्री रहा याकूब कुरैशी और उसके परिवार पर अब कानूनी शिकंजा कस गया है। जानकारों के अनुसार अब मीट माफिया के पास पुलिस के सामने सरेंडर करने के अलावा कोई चारा नहीं है। बता दें मीट माफिया याकूब कुरैशी पिछले डेढ़ माह से अपने परिवार के साथ फरार चल रहा है। भगोड़े याकूब कुरैशी को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लगी हैं। लेकिन इतने समय के बाद भी अभी तक भगोड़ेे पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी और उनके परिवार को पुलिस नहीं पकड़ पाई है।
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याकूब कुरैशी की लोकेशन राजस्थान और दिल्ली में मिल चुकी है। इसके बाद वह भी पुलिस के चंगुल से बाहर है। हालांकि मेरठ पुलिस ने याकूब कुरैशी को अदालती दांवपेंच में फंसाया हुआ है। याकूब और उसके दोनों बेटों ने अलग-अलग जमानत की अर्जी कोर्ट में लगाई है। जिस पर आगामी 17 मई को सुनवाई होनी है। पुलिस का दावा है कि कोर्ट में सबूत पेश कर अग्रिम जमानत की अर्जी निरस्त कराई जाएगी। वहीं पुलिस इसके बाद कुर्की के लिए आवेदन करेगी। जिससे मीट माफिया याकूब की संपत्ति को कुर्क किया जा सकें।
गत 31 मार्च को पुलिस प्रशासन की टीम ने हापुड रोड स्थित याकूब के अवैध मीट प्लांट पर छापा मारा था। जहां से करीब पांच करोड रुपये की कीमत का मीट बरामद हुआ था। मीट अभी फैक्ट्री के अंदर रखा है। पुलिस ने इस प्रकरण में याकूब कुरैशी, उनकी पत्नी संजीदा बेगम और बेटा फिरोज और इमरान समेत 17 आरेापी बनाया था। इनमें से दस को जेल भेज दिया गया है। जबकि याकूब उसकी पत्नी और दोनों बेटे फरार हैं।
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