Site icon Buziness Bytes Hindi

लम्बे चुनावी शेड्यूल पर मायावती ने उठाया सवाल

mayawati

बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने लम्बे चुनावी शेड्यूल पर बड़ा सवाल उठाया है, मायावती ने कहा कि सात चरणों के लम्बे शेड्यूल की जगह अगर तीन या चार चरणों में चुनाव संपन्न कराये जाते तो पैसा भी बचता और समय भी. बता दें कि चुनाव आयोग ने सात चरणों में चुनाव कराने का एलान किया है. कल चुनाव की घोषणा से वोटों की गिनती तक ये 80 दिनों की यानि लगभग तीन महीने की प्रक्रिया है। वोटो की गिनती 4 जून को होनी है और पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल को होना है. यूपी और बिहार में चुनावों को तो सभी सात चरणों में बांटा गया है.

मायावती ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि चुनाव प्रक्रिया एक खर्चीली प्रक्रिया है और लंबे समय तक इस प्रक्रिया को खींचे जाने से गरीबों और उपेक्षितों के सहारे चलने वाली बहुजन समाज पार्टी के लिए पैसे वाली पार्टियों का ईमानदार तरीके से मुकाबला करना मुश्किल हो जाता है। मायावती ने आगे लिखा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव का निष्पक्ष होना बहुत ही जरूरी है। उन्होंने इस बारे में निर्वाचन आयोग को पत्र भी लिखा कि चुनाव में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग रोका जाए ताकि चुनाव निष्पक्ष हो सकें।

बता दें कि उत्तर प्रदेश कि 80 सीटों के लिए चुनाव सातों चरणों में होंगे। दिलचस्प बात ये है कि प्रधानमंत्री के लोकसभा क्षेत्र में चुनाव अंतिम चरण में ही होगा। कहा जा रहा है कि चुनाव आयोग ने ऐसा कार्यक्रम इसलिए बनाया ताकि प्रधानमंत्री को सातों चरणों में चुनाव प्रचार करने में कोई बाधा न आये. प्रधानमंत्री मोदी के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार सबसे अहम राज्य हैं , यहीं से उन्हें भारी संख्या में सांसद मिलते है इसलिए दोनों ही प्रदेशों के चुनाव को सात चरणों में विभाजित किया गया है ताकि चुनाव प्रचार में किसी तरह की कोई कमी न हो पाए.

Exit mobile version