कभी मायावती के वफादार रहे अफसर भी उनसे बना रहे दूरी, कुछ ने पार्टी छोड़ी तो साथ ही नहीं आए

विधानसभा चुनावकभी मायावती के वफादार रहे अफसर भी उनसे बना रहे दूरी, कुछ...

Date:


कभी मायावती के वफादार रहे अफसर भी उनसे बना रहे दूरी, कुछ ने पार्टी छोड़ी तो साथ ही नहीं आए

लखनऊ: Mayawati News In Hindi – पिछले दो दशक से ब्यूरोक्रेट रिटायर होने के बाद राजनीति में अपना ठीकाना बनाने में दिलचस्वी ले रहे हैं। सपा से लेकर बीजेपी ,कांग्रेस में रिटायर आईएसएस अधिकारी ज्वाइनिंग की दिलचस्वी दिखा रहे हैं। लेकिन इस मामले में बसपा और मायावती पिछड़ते जा रही है। स्थिति यह है कि पिछले दिनों मायावती के करीबी अफसरों में माने जाने वाले कुंवर फतेह बहादुर भी सपा में शामिल हो गए। साल 2007 से 2012 तक अपने सीएम कार्यकाल में मायावती ने दलित अफसरों पर सबसे ज्यादा भरोसा किया था। इसके लिए मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारे में उनको लोगों की नाराजगी भी झेलनी पड़ी थी। लेकिन अब यही अधिकारी रिटायर होने के बाद मायातवी की जगह किसी दूसरे दल के साथ जुड़ना पसंद कर रहे हैं।

Read also: चन्नी को मुख्यमंत्री के तौर पर पेश करना कांग्रेस का हताशा भरा प्रयास : मायावती

फतेह बहादुर सबसे रसूख वाले अधिकारी थे

सपा में शामिल हुए फतेह बहादुर सिंह की गिनती मायावती काल में सबसे रसूखदार अधिकारी में होती थी। मायावती के कार्यकाल के दौरान फतेह बहादुर सिंह की तैनाती हमेशा रसूख वाले पदों पर रही। वह प्रमुख सचिव गृह तक बने। रिटायरमेंट के बाद कुछ दिनों तक उन्होंने बसपा कहा तो थामा लेकिन यह साथ लंबा नहीं चला। बसपा ज्वाइन करने के बाद उनकी स्थिति काफी खराब होने लगी थी। ऐसे में उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया फतेह बहादुर के अलावा तमाम ऐसे अधिकारी जो मायावती के करीबी कहे जाते थे उन्होंने भी धीरे-धीरे उनसे किनारा करना शुरू कर दिया है।

पीएम पुनिया कांग्रेस में चले गए

मायावती काल में ही पी एल पुनिया काफी मजबूत अधिकारी माने जाते थे। मायावती की पसंदीदा सूची में वह सबसे ऊपर रहते थे। लेकिन रिटायरमेंट के बाद उन्होंने बसपा ना ज्वाइन कर कांग्रेस का हाथ थामा। बाराबंकी से चुनाव लड़ा और सांसद भी बने। उसके बाद उनको यूपीए सरकार में ही राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष बनाया गया। पीएल पुनिया 13 साल से कांग्रेस में सक्रिय हैं लेकिन इस दौरान उन्होंने एक बार भी बसपा में आने की या मायावती के साथ जुड़ने की जरूरत महसूस नहीं की।

सबसे खास अधिकारी बीजेपी में शामिल

1977 बैच के आईपीएस अफसर रहे बृजलाल बीजेपी में शामिल हो गए। वह मायावती के सबसे खास अधिकारी थे। लेकिन उन्होंने ने भी बसपा की जगह भाजपा के साथ जुड़ना पंसद किया। 2007 में बसपा की सरकार में बृजलाल एडीजी लॉ एंड ऑर्डर बनाया गया था। यहां तक की साल 2011 में मायावती ने दो वरिष्ठ आईपीएस अफसरों पर उनको वरीयता देकर डीजीपी बनाया था। हालांकि रिटायर होने के बाद उन्होंने 2015 में भाजपा जॉइन कर ली। बीजेपी ने उनको अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग का अध्यक्ष बना दिया।

Read also: इन सीटों पर बसपा और कांग्रेस बिगाड़ सकती हैं भाजपा और गठबंधन का खेल

यह अधिकारी भी बसपा से दूर चले गए

बसपा के करीबी लोगों का इससे दूरी बनाने का सिलसिला काफी लंबा है। बीएसपी सरकार के करीबी अफसर राम बहादुर ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया। मायावती ने उनको एलडीए वीसी समेत कई अहम पदों पर तैनात किया था। यहां तक की राम बहादुर ने 2014 में मोहनलालगंज सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन अब वह बसपा छोड़ा भाजपा में चले गए है। ऐसे ही मायावती के सुरक्षा अधिकारी रहे पदम सिंह ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया है। पदम सिंह एक समय मायावती की सैंडिल साफ करने के कारण चर्चा का विषय बने थें।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

सोशल मीडिया से आतंक की साजिश तक! कासगंज में ATS का शिकंजा, 18 वर्षीय युवक गिरफ्तार

जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध आतंकी के संपर्क में होने...

बीजेपी छोड़ने के बाद अन्नामलाई का बड़ा ऐलान, बनाएंगे नई राजनीतिक पार्टी

तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी...

न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए

जाने माने शायर बशीर बद्र का शुक्रवार को 91...