“राष्ट्रपत्नी” विवाद में मायावती की एंट्री

पॉलिटिक्स"राष्ट्रपत्नी" विवाद में मायावती की एंट्री

Date:

लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी का देश की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए “राष्ट्रपत्नी” शब्द का प्रयोग करने पर भाजपा नेताओं द्वारा मचाये जा रहे बवाल में अब बसपा सुप्रीमो मायावती की भी इंट्री हो गयी है. मायावती ने अधीर रंजन चौधरी के बयान की निंदा करते हुए कांग्रेस पार्टी को सलाह दी है कि वह जातिवादी मानसिकता को छोड़े। 

बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर अधीर रंजन चौधरी पर हमला बोलते हुए कहा कि देश सर्वोच्च पद पर आदिवासी समाज की पहली महिला के रूप में बैठना बहुत से लोगों को पसंद नहीं आ रहा है, उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए द्रौपदी मुर्मू जी का निर्वाचन बहुत लोगों को खटक रहा है. मायावती ने अधीर रंजन चौधरी की टिप्पणी को अति-दुःखद, शर्मनाक और निन्दनीय बताया है। मायावती ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भी जातिवादी मानसिकता का परित्याग करे और अपने लोकसभा नेता की अशोभनीय टिप्पणी के लिए देश से माफी मांगे।

Read also: National Herald Case: सोनिया और राहुल पर ईडी का शिकंजा और कसा, सवालों के बौछार नहीं झेल पा रहे दोनों नेता

वहीँ अधीर रंजन चौधरी ने अपनी इस टिप्पणी को ज़बान का फिसलना बताया है और कहा है कि गलती से ऐसा हो गया, बीजेपी वजह इस मामले को तूल दे रही है. कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गाँधी इस विवाद को शांत कराने की कोशिश कर रही हैं, पता चला है कि संसद में इस मसले को पुरज़ोर तरीके से उठाने वाली केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से सोनिया गाँधी ने मुलाकात की है और पार्टी का पक्ष रखते हुए मामले को ख़त्म करने की कोशिश में जुटी हुई है, सोनिया ने कहा है कि अपनी गलती की अधीर रंजन माफ़ी मांग चुके हैं मगर भाजपा कांग्रेस पार्टी से आधिकारिक रूप से माफ़ी मांगे की मांग कर रही है.

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related