कर्नाटक के बड़े नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री, लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता रहे मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के नए अध्यक्ष बन गए हैं. खड़गे चूंकि दलित समुदाय से आते हैं इसलिए दलितों की राजनीती करने वाली बसपा सुप्रीमों मायावती का इसपर बयान आना तो लाज़मी था. उम्मीद के मुताबिक आज उनके ट्विटर हैंडल पर इस बारे में बयान आ ही गया, उनके बयान के मुताबिक कांग्रेस पार्टी का एक दलित को पार्टी अध्यक्ष बनाना कटाई अच्छा नहीं लगा.
खड़गे के अध्यक्ष बनने को लेकर बसपा सुप्रीमों मायावती ने आज निशाना साधते हुए कांग्रेस पार्टी हमेशा बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया. इसके बाद कहा कांग्रेस को बुरे समय में ही दलितों की याद आती है, अब पार्टी जबकि वो बुरे वक्त में है तो उसे दलितों को आगे रखने की फिर याद आ गई. कांग्रेस पार्टी को अपने अच्छे दिनों में दलितों की सुरक्षा और सम्मान की याद नहीं आती बल्कि ये बुरे दिनों में दलितों को बलि का बकरा बनाते हैं. मायावती ने सवाल किया कि क्या यह छलावा व छद्म राजनीति नहीं? मायावती ने कहा कि लोग पूछते हैं कि क्या यही है कांग्रेस का दलितों के प्रति असली प्रेम?
बता दें कि मल्लिकार्जुन खरगे ने कल शशि थरूर को हराकर कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव जीता, मतदान 17 अक्टूबर को हुआ था. खरगे ने शशि थरूर को 6,825 वोट से मात दी. खड़गे को 7897 और शशि थरूर को 1072 वोट मिले थे. खड़गे की जीत के साथ ही कांग्रेस पार्टी को 24 साल बाद गांधी परिवार से बाहर का अध्यक्ष मिला. सीताराम केसरी इससे पहले गैर गांधी अध्यक्ष रहे थे. खड़गे कर्नाटक के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. 8 बार विधायक, दो बार लोकसभा सांसद का चुनाव जीत चुके हैं, इसी के साथ एक बार राज्यसभा सांसद भी रहे हैं. हालाँकि 2019 में वो लोकसभा चुनाव हारे भी हैं.

