Covid 19: कोरोना संक्रमण के मामले कम होते ही लापरवाही शुरू हो गई है। सार्वजनिक जगह और बाजार के अलावा रेल और बसों में लोगों के चेहरे से मास्क पूरी तरह से गायब हो गए हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों में ना तो शारीरिक दूरी का पालन है और ना सैनिटाइजर कहीं दिखाई देता है। बाजारों में हालात ये हैं कि मास्क और सैनेटाइजर की बिक्री में करीब 95 प्रतिशत की कमी आई है।
कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर ने कहर बरपाया था। एनसीआर और दिल्ली में कोरोना संक्रमण से लाखों लोगों की मौत हुई थी। कोरोना के भय से लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए मास्क और सैनिटाइजर का जमकर उपयोग किया। लिहाजा इनकी बिक्री में खूब इजाफा हुआ। हालात ये हो गए कि बाजार में मास्क और सैनिटाइजर की कमी हो गई। मास्कों की कालाबाजारी जमकर हुई।
उसके बाद से 2022 में जब कोरोना का असर कम होने लगा तो मास्क और सैनिटाइजर की बिक्री में भी तेजी से कमी आनी शुरू हुई। मौजूदा समय में कोरोना जांच का दायरा अब घटकर मात्र 5 फीसदी तक रह गया है। कोरोना संक्रमण में कमी के चलते लोगों ने घरों से बिना मास्क निकलना शुरू कर दिया। लोगों की इस लापरवाही का असर बाजार में मास्क और सैनिटाइजर बिक्री पर भी पड़ा है। मेरठ के दवा कारोबारियों के मुताबिक कोविड की दवाओं, मास्क और सैनिटाइजर की मांग अब बिल्कुल नहीं के बराबर हो गई है।
सैनिटाइजर की डिमांड मात्र 5 प्रतिशत
मेडिकल स्टोर संचालकों की माने तो सैनिटाइजर व मास्क की बिक्री एकदम नीचे आ गई है। इस कारण से मेडिकल स्टोर संचालकों ने मास्क तो रखना ही बंद कर दिया है। पहले के मुकाबले मास्क की बिक्री 90 प्रतिशत की कम आई है। सैनिटाइजर की बिक्री में 95 प्रतिशत की कमी आई है। इस समय सैनिटाइजर की मांग बाजार में मात्र 5 प्रतिशत ही है। कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान मास्क और सैनिटाइजर की डिमांड इतनी बढ़ गई थी कि लोगों की मांग पूरा करने में मुश्किलें आ रही थी।
इम्युनिटी वाली चीजों में आई कमी
दुकान व घरों में हाथ धोने और सैनिटाइज करने की जो आदत दो साल तक पड़ी थी। वह अब धीरे-धीरे खत्म हो गई है। इम्युनिटी बढ़ाने वाले ड्राप, तुलसी, गिलोय जूस, काढा सहित दूसरे उत्पादों की बिक्री में काफी कमी आई है। वहीं दूसरी ओर
डाक्टर आज भी कोरोना से बचाव के लिए सर्जिकल और एन 95 मास्क पहनने के लिए सलाह दे रहे हैं। लेकिन बाजार में अब इन मास्कों की मांग खत्म हो रही है। बाजार में अब साधारण कपड़े के फैंसी मास्क की मांग तेजी से बढ़ रही है।
