Site icon Buziness Bytes Hindi

मेंस्ट्रुअल हाईजीन के बारे में जागरूकता बढ़ाएंगी मानुषी छिल्लर


मेंस्ट्रुअल हाईजीन के बारे में जागरूकता बढ़ाएंगी मानुषी छिल्लर

अलौकिक सुंदरी मानुषी छिल्लर अपने नॉन-प्रॉफिट एडवोकेसी प्लेटफॉर्म ‘प्रोजेक्ट शक्ति’ के जरिए पिछले चार वर्षों से भारत में मेंस्ट्रुअल हाईजीन को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में लगातार काम करती चली आ रही हैं। इस वर्ष मेंस्ट्रुअल हाईजीन डे के अवसर पर यूनिसेफ ने मानुषी को भारत में इस समस्या के बारे में जागरूकता जगाने के लिए राजी कर लिया है।

प्रियंका चोपड़ा द्वारा मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने के 17 वर्षों बाद यही कारनामा दोहरा कर भारत को गौरवान्वित करने वाली मानुषी का कहना है- “खराब मेंस्ट्रुअल हाईजीन का महिलाओं की सेहत और जिंदगी पर बहुत बुरा असर पड़ता है, खासकर लड़कियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं, लेकिन हम इस मुद्दे पर अपना मुंह सी लेते हैं! माहवारी को लेकर अपनाई जाने वाली खामोशी, गलत जानकारियां और नुकसानदायक किस्से लड़कियों का भविष्य तबाह करके रख देते हैं।”

इस समस्या के बारे में शिक्षा की कमी, टैबूज की मौजूदगी, कलंक लग जाने का भय, हाईजीनिक मेंस्ट्रुअल उत्पादों का अभाव और सैनिटेशन के दयनीय इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते खराब मेंस्ट्रुअल हेल्थ चिंता का विषय बना हुआ है। खराब इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से अक्सर अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य के अवसर लड़कियों के हाथ से निकल जाते हैं और भारत समेत दुनिया भर में महिलाओं और लड़कियों के सोशल स्टेटस को झटका लगता है। माहवारी के बारे में खामोशी अख्तियार करने की संस्कृति, गलत-सलत जानकारियों की उपलब्धता और इससे जुड़े हानिकारक मिथक लड़कियों से उनका भविष्य छीन लेते हैं।

कोविड-19 की मौजूदा महामारी ने महिलाओं और लड़कियों के सामने माहवारी से संबंधित चुनौतियां और ज्यादा गंभीर कर दी हैं। सैनिटरी उत्पादों तक उनकी पहुंच बाधित हो गई है और माहवारी के बारे में उनको सही चिकित्सकीय सलाह भी नहीं मिल पा रही है।

Exit mobile version