आबकारी नीति और उसमें हुए भ्रष्टाचार के मामले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की मुसीबतें बढ़ गयी हैं. सुबह उनके घर पर सीबीआई की टीम ने छापा मारा और अब जिन 15 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है उसमें मनीष सिसोदिया का नंबर पहला है. सीबीआई ने शुक्रवार को दिल्ली के आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया के घर समेत सात राज्यों के 19 और ठिकानों पर छापेमारी की गयी है. सिसोदिया के अलावा और जिन लोगों के नाम FIR में हैं उनमें कई आबकारी अधिकारी, शराब कंपनी के लोग, डीलर,अज्ञात लोक सेवक और निजी व्यक्तियों के नाम शामिल हैं.
इस बीच खबर मिल रही है कि इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की भी एंट्री हो सकती है, ED दिल्ली में AAP सरकार की आबकारी नीति तैयार करने और उसे लागू करने को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू कर सकता है। इस मामले में पीएमएलए कानून के तहत मामला दर्ज करने से पहले सीबीआई मामले की गहनता से जांच कर रही है. सीबीआई द्वारा दर्ज FIR में कहा गया है कि एक शराब कारोबारी ने मनीष सिसोदिया के करीबी को एक करोड़ रुपये का भुगतान किया था. सीबीआई ने एक्साइज पॉलिसी 2021 को लागू करने में कथित तौर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है.
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सीबीआई ने FIR में जो आरोप लगाए हैं उनके मुताबिक आबकारी नीति को बनाने और इसके क्रियान्वयन में शराब कंपनियां और बिचौलिये सक्रिय रूप से शामिल हुए. शराब लाइसेंसहोल्डर्स से मनीष सिसोदिया के करीबी दिनेश अरोरा, अमित अरोरा और अर्जुन पांडे ने कमीशन लिया. एक अन्य आरोप में कहा गया कि मेसर्स इंडोस्प्रिट्स ने सिसोदिया के करीबी सहयोगी दिनेश अरोरा से जुड़ी कंपनी को एक करोड़ रुपये ट्रांसफर किए. इसके अलावा अर्जुन पांडे ने एक बार समीर महेंद्रू से विजय नायर की ओर से अफसरों को देने के लिए लगभग 2-4 करोड़ रुपये इकठ्ठे किए. इससे पहले अपने आवास पर सीबीआई रेड को लेकर मनीष सिसोदिया ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा था , सीबीआई की टीम आ गई है। बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश में जो अच्छा काम करता है उसे इसी तरह परेशान किया जाता है। इसीलिए हमारा देश अभी तक नम्बर-1 नहीं बन पाया।
