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Male Fertility: पुरुषों की मर्दानगी पर Corona का वार, तीन साल बाद भी नहीं उबर रहे मरीज, कम हुए प्रजनन क्षमता

Male Fertility

कोरोना महामारी के कई वर्ष बीतने के बाद पुरुषों में ना मर्दानगी जैसी समस्या तेजी से सामने आ रही हैं। पश्चिमी यूपी समेत देशभर में ये बड़ी समस्या के रूप में उभर रही है। नई रिपोर्ट्स के मुताबिक 20 फ़ीसदी पुरुष लंबे अंतराल बाद भी प्रजनन क्षमता में आई कमी की शिकायतें लेकर चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। रिपोर्ट्स देख चिकित्सक भी हैरान हैं।

विषेशज्ञ बताते हैं कि पूर्व में भी कोरोना महामारी का पुरुषों की प्रजनन क्षमता यानी उनकी मर्दानगी पर हुए असर को जांचने के लिए कई रिसर्च हुई थीं। इनके परिणामों ने दुनिया को चौंका दिया था। एम्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज से आई स्टडी रिपोर्ट देख सभी सकते में थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस वायरस से पुरुषों की मर्दानगी को काफी क्षति पहुंची थी। ये स्थिति आज भी नियंत्रित नहीं हो पाई हैं।

चिकित्सक बताते हैं की पुरुषों के वीर्य पर कोरोना वायरस के सीधे असर को लेकर स्पष्टता नहीं है। शरीर के अंगों पर हुए इसके प्रभावों को लेकर दुनिया भर में कई अध्ययन जारी हैं। काफी संभावना है कि प्रजनन क्षमता भी प्रभावित हुई है।

आईवीएफ और फर्टिलिटी विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना काल के बाद इन्फर्टिलिटी की समस्या लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। महामारी से पहले 8 में से 2 पुरुषों में समस्या मिलती थी। अब ये संख्या बढ़कर 3 से 4 हो गई है। हिस्ट्री देखने पर पता चलता है कि मरीज किसी न किसी लहर में संक्रमित हुआ था। जांच में मरीजों के स्पर्म काउंट सामान्य नहीं मिल रहे हैं। जिससे प्रजनन प्रक्रिया प्रभावित हुई है। देशभर में हुए अध्ययनों में पुरुषों में स्पर्म की क्वालिटी, मूवमेंट और काउंट के आधार पर उनकी मर्दानगी के स्तर जांचा गया।

बीते वर्ष एम्स मंगलगिरी पटना, दिल्ली में भी इस असर को जांचने के लिए कुछ अध्ययन किए गए थे। तीन स्तर पर हुई जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। 20 से 42 आयुवर्ग के पुरुषों को अध्ययन में शामिल किया था। सभी के सीमेन को अलग अलग समय बाद जांचा गया। परिणाम देख चिकित्सक सकते में आ गए थे। संक्रमित पुरुषों की स्पर्म क्वालिटी में गंभीर गिरावट दर्ज की गई। मरीजों के वीर्य में स्पर्म काउंट, आकार और उनकी हलचल काफी प्रभावित मिली। तीन बार जांच करने के बाद भी इनके स्पर्म पहले जैसे नहीं पाए गए। पूर्व के स्तर के मुताबिक स्पर्म की क्वालिटी काफी खराब मिली।

चिकित्सक कहते हैं कि कोरोना महामारी के बाद लोगों की जीवन शैली में कई परिवर्तन हुए हैं। खानपान के साथ ही काम करने के तौर तरीके पूरी तरह से बदल गए हैं। एक बड़ी आबादी में शारीरिक गतिविधि भी कम देखी जा रही है। वहीं मानसिक स्वास्थ्य का ग्राफ भी गिरा है। गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज में हुए एक अध्ययन के मुताबिक मानसिक तनाव और शरीर में टॉक्सिन की अधिकता भी भीतरी अंगों को नुकसान पहुंचा रही हैं। हालांकि इससे शरीर में क्या क्या रिएक्शन हो रहे हैं ये अभी तक स्पष्ट नहीं है। हालिया रिपोर्ट्स में भी प्रजनन क्षमता पर इसका विपरीत असर देखा गया है। चिकित्सकों के अनुसार इस तरह के वायरस से लड़ने के लिए शरीर कई तरह के केमिकल और प्रोटेक्टिव एलिमेंट्स रिलीज़ करती है। इनका असर प्रत्येक मरीज में अलग होता है। शरीर के किस हिस्से में क्या असर होगा ये बताना संभव नहीं होता है। ऐसे ही कई मरीजों में इसका असर प्रजनन क्षमता पर हुआ है।

वीर्य की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जरूरी है व्यायाम

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