मेरठ। मेरठ के हस्तिनापुर में प्रति वर्ष कार्तिक मास में लगने वाले मेला मखदूमपुर की तैयारी शुरू हो चुकी है। गंगा के किनारे रेत पर तंबुओं का नगर बसने लगा है। जिलाधिकारी मेरठ ने मखदूमपुर मेला स्थल का दौरा कर तैयारियों को परखा।
वहीं इस बार मखदूमपुर गंगा घाट पर लगने वाले गंगा स्नान मेले में असामाजिक तत्वों पर तीसरी आंख से नजर रखी जाएगी। तंबुओं की नगरी को बसाने का काम सोमवार से शुरू हो चुका है।
हस्तिनापुर ब्लाक के मखदूमपुर गांव में गंगा घाट के किनारे लगने वाले मेले का आयोजन जिला पंचायत द्वारा कराया जाता है। इसकी तैयारी भी दस दिन पहले से शुरू हो जाती है। मेला चार नवंबर से शुरू होगा। ऐसे में मखदूमपुर गंगा स्नान मेले की तैयारियां अब जोरों पर हैं। मखदूमपुर में लगने वाला गंगा मेला इस बार चार दिन तक चलेगा। मेले की शुरूआत चार नवंबर से होगी और यह आठ नवंबर तक चलेगा। मखदुमपुर मेले की तैयारियां एसडीएम अखिलेश यादव की देखरेख में चल रही है। एसडीएम ने मेला स्थल का निरीक्षण भी किया।
मेले में आने वाले महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के स्नान करने के लिए गंगा पर अलग-अलग घाट बनाए जा रहे हैं। घाट बनाए जाने का कार्य सोमवार से शुरू हो चुका है। इस बार महिलाओं के बनाए घाटों में चेंजिंग रूम की अलग से व्यवस्था की जा रही है। गंगा स्नान मेले में दीपदान और पिंडदान के लिए दूरदराज से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालुगण अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए गंगा में दीपदान और पिंडदान करते हैं। इसी के साथ मेला दिवस में मुंडन संस्कार आदि भी गंगा किनारे पर किए जाते हैं।
बताया जाता है कि जिस स्थान पर मेला आयोजित किया जाता है। वहां पर गंगा की दो बड़ी धाराएं हैं। पहली धारा में पानी बहुत कम है तो दूसरी धारा में पानी बहुत अधिक है। इसलिए दूसरी धारा पर जाने से रोकने के लिए गंगा के टापू पर पीएससी के टेंट लगाए हैं। जहां पर श्रद्धालुओं को बड़ी धारा की तरफ जाने से रोका जाएगा। इसके चलते श्रद्धालुओं को गंगा के कम पानी में ही स्नान करना पड़ेगा। इस बारे में जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने बताया कि गंगा मेला इस बार कई मायनों में महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक रहेगा। मेले स्थल पर पूर्ण रूप से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
वहीं दूसरी ओर परीक्षितगढ़ में खादर क्षेत्र खरखाली गांधी गंगा घाट पर दशकों से लगता आ रहा कार्तिक पूर्णिमा मेला प्रशासन की ओर से स्थगित कर दिया है। घाट पर पहुंचे एसडीएम ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं से घाट पर नहीं पहुंचने की अपील की।
बता दें कि खरखाली गांधी गंगा घाट पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर मेला आयोजित किया जाता था। मेले में दूर-दराज से हजारों लोग आते थे। गंगा घाट पर हजारों लोग पिड़दान व दीपदान करने आते हैं। एसडीएम मवाना अखिलेश यादव, तहसील टीम व खरखाली प्रधान संजीव धामा गांधी गंगा घाट पर पहुंचे और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद एसडीएम मवाना ने बताया कि गंगा में पानी का तेज बहाव व कई किलो मीटर तक कटान के कारण इस बार मेला स्थगित किया है। इसी के साथ श्रद्धालुओं से घाट पर नहीं पहुंचने की अपील की है।
Makhdumpur fair: असामाजिक तत्वों पर रहेगी तीसरी आंख की नजर,मखदूमपुर में तंबुओं का नगर बसाने की तैयारी तेज
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