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Maharashtra Political Crisis Updates: शरद पवार ने दिए संकट मोचक बनने के संकेत

महाराष्ट्र में गहराते राजनीतिक संकट पर अभी तक एनसीपी प्रमुख इसे शिवसेना का आंतरिक मामला बताते आये हैं और पूरे घटनाक्रम में उनकी वह सक्रियता नहीं देखि गयी जो अक्सर सियासी संकट के समय देखी जाती रही है लेकिन आज एनसीपी नेताओं की हुई महत्वपूर्ण बैठक में ऐसे संकेत मिले हैं कि शरद पवार सरकार बचाने के लिए इस मामले में पूरी तरह से उतरने जा  रहे हैं. 

बता दें कि आज दिनभर शिवसेना और उनके बागियों के बीच खूब बयानबाज़ी और ट्विटरबाज़ी हुई, इस बीच शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने एनसीपी और कांग्रेस से रिश्ता तोड़ने का विचार करने की बात कहकर सियासी पारे को और गर्म कर दिया। उनके इस बयान के बाद जहाँ कांग्रेस ने अपने विधायकों के साथ बैठक की वहीँ एनसीपी नेताओं की एक अहम् बैठक हुई. कहा कि बैठक में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने इस बात को स्पष्ट कर दिया है कि वह शिवसेना का साथ नहीं छोड़ेगी। वहीँ यह भी तय किया गया है कि शिवसेना के बागी विधायकों से भी बात  कोशिश की जाएगी और उन्हें उद्धव खेमे में वापस लाने का प्रयास करेगी. 

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हालाँकि शरद पवार ने इससे पहले साफ़ तौर पर कहा था कि एनसीपी शिवसेना के मामले में दखल नहीं देंगे। लेकिन अब उन्हें लगता है की पानी सिर से ऊपर जा रहा है. सरकार बचाने के लिए उन्हें उतरना ही पड़ेगा। हालाँकि बैठक में संजय राउत के बयान पर काफी देर तक चर्चा हुई कि इस बयान के बाद एनसीपी को सरकार में रहना चाहिए भी या नहीं, जानकारी के मुताबिक शरद पवार ने इस पर पार्टी के सीनियर नेतों से राय भी मांगी, लेकिन शायद इसपर कोई एक राय नहीं बन सकी. वाहन बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस में अजीत पवार ने यह बात पूरी तरह साफ़ कर दी कि एनसीपी अंत तक उद्धव ठाकरे के साथ खड़ी रहेगी। अजित पवार ने बागी मंत्रियों और विधायकों के उन आरोपों को भी बेबुनियाद बताया कि एनसीपी के मंत्री अपने क्षेत्र में ज़रूरी विकास के लिए फण्ड देने में अड़ंगे लगाते हैं।

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