महाराष्ट्र में शिवसेना में बग़ावत के बाद हुए सत्ता पलट को एक महीने से ज़्यादा का समय हो गया था मगर एकनाथ शिंदे सरकार अपनी कैबिनेट का गठन नहीं कर पा रही थी. बार दिल्ली के दरवाज़े पर हाज़री दी जा रही थी मगर कैबिनेट विस्तार की बात आगे नहीं बढ़ पा रही थी. मगर अब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के शपथ लेने के 40 दिन बाद महाराष्ट्र सरकार को उसकी कैबिनेट मिल ही गयी. कैबिनेट विस्तार में भाजपा हुए शिंदे गुट को 9-9 स्थान मिले हैं. बता दें कि एकनाथ शिंदे ने 30 जून को महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी.
कैबिनेट विस्तार की बात करें तो शिंदे गुट से शामिल मंत्रियों में गुलाबराव पाटिल, संजय राठौड़, संदीपन भुमरे, दादाजी भुसे, उदय सामंत, अब्दुल सत्तार, तानाजी सावंत, शंभूराज देसाई और दीपक केसरकर शामिल हैं। वहीँ भाजपा की और मंत्री पद की शपथ लेने वालों में राधाकृष्ण विखे-पाटिल, सुधीर मुनगंतीवार, चंद्रकांत पाटिल, विजयकुमार गावित, गिरीश महाजन, सुरेश खाड़े, रवींद्र चव्हाण, अतुल सावे और मंगल प्रभात लोढ़ा शामिल हैं.
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मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम फडणवीस, विपक्ष के नेता अजीत पवार, विभिन्न राजनीतिक दलों के अन्य विधायकों और अधिकारियों की मौजूदगी में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
भाजपा की महाराष्ट्र यूनिट के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल दूसरी बार मंत्री बने हैं. इससे पहले 2014-19 के दौरान वो राजस्व और लोक निर्माण विभाग के मंत्री रह चुके हैं. चंद्रकांत पाटिल पश्चिमी महाराष्ट्र से विधायक बने. मुंबई में चाय बेचकर घर चलाने वाले परिवार से निकले चंद्रकांत पाटिल ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की. 1990 में श्रीनगर में लाल चौक पर तिरंगा लहराने के लिए एबीवीपी के चलो कश्मीर अभियान का वो अहम् हिस्सा रहे हैं.

