अश्विन मास की शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तिथि तक शारदीय नवरात्रि पर्व मनाया जाता है। इस बार शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ 26 सितम्बर, सोमवार से हो गया। धर्म ग्रंथों के मुताबिक नवरात्रि में हर तिथि पर देवी के एक विशेष स्वरूप का पूजन करने से भक्त की हर मनोकामनाओं की पूरी होती है। नवरात्रि में किस दिन देवी के कौन से स्वरूप की पूजा करें यह भी जानना जरूरी है।
आज नवरात्र का दूसरा दिन है। ऐसे में आज तप की शक्ति का प्रतीक मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अराधना की जाती है।
नवरात्रि की द्वितीया तिथि को यानी आज मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। देवी ब्रह्मचारिणी ब्रह्म शक्ति यानी तप शक्ति का प्रतीक हैं। इनकी आराधना से भक्त की तप करने शक्ति बढ़ती है। इसी के साथ सभी मनोवांछित कार्य पूर्ण होते हैं। मां ब्रह्मचारिणी हमें यह संदेश देती है कि जीवन में बिना तपस्या अर्थात कठोर परिश्रम के सफलता प्राप्त करना बिल्कुल भी संभव नहीं है।
बिना श्रम के सफलता प्राप्त करना ईश्वरीय प्रबंधन के विपरीत है। अतः ब्रह्मशक्ति अर्थात समझने व तप करने की शक्ति हेतु इस दिन शक्ति का स्मरण करके पूजन करना चाहिए। योगशास्त्र में यह शक्ति स्वाधिष्ठान चक्र में स्थित है। अतः समस्त ध्यान स्वाधिष्ठान चक्र में करने से यह शक्ति बलवान होती है एवं सर्वत्र सिद्धि व विजय प्राप्त होती है।

