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Lucknow News : खामियां दिखाने पर पत्रकारों की एंट्री पर लगा दिया प्रतिबंध, मंत्री ने फटकारा तो बोले…

लखनऊ। डॉ. राममनोहर लोहिया संस्थान के जिम्मेदारों ने एक दिन बाद ही अपने आदेश से पलटी मार ली है। गौरतलब है कि लोहिया संस्थान की खामियां मीडिया में काफी दिनों सुर्खियां बनी हुई थीं। जिसके बाद नाराज प्रबंधन ने पत्रकारों के प्रवेश पर ही रोक लगा दिया था। संस्थान की ओर से जारी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसकी सूचना स्वास्थ्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को हुई तो उन्होंने संस्थान को ही तलब कर लिया। जिसके बाद आनन-फानन में संस्थान की ओर से एक और आदेश जारी किया गया और उसमें बताया कि पुराना लेटर फर्जी है। पत्रकारों की एंट्री रोके जाने संबंधी आदेश को उन्होंने अफवाह करार दिया। 

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क्या है मामला

लोहिया संस्थान में मरीजों के इलाज में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर मीडिया संस्थान खबरें छाप रहे थे। जिससे नाराज होकर संस्थान के जिम्मेदारों ने एक आदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने अपने सुरक्षा गार्डों को निर्देश दिया कि बिना अनुमति के कोई भी पत्रकार अंदर नहीं आने पायें। अगर किसी को कवरेज करनी है तो उसे प्रबंधन से आदेश लेना होगा। इस आदेश को लेकर पत्रकारों ने नाराजगी जताई और इसकी जानकारी उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को मिली तो उन्होंने इस पर स्पष्टीकरण मांग लिया। 

लोहिया संस्थान ने दी सफाई
लोहिया संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह ने मंगलवार सफाई देते हुए आदेश जारी किया कि पत्रकारों को कवरेज के लिए किसी से भी परमिशन लेने की जरूरत नहीं है। मीडिया की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि समय-समय पर संस्थान की उपलब्धियों की तस्वीर मीडिया ने दिखाई है। उन्होंने कहा कि पुराना आदेश उन लोगों के लिए है जो स्वघोषित मीडिया चलाते हैं। उनके पास संस्थान का पहचान पत्र नहीं होता है। खुद को पत्रकार बताकर यू-ट्यूब चैनलों की माईक आईडी लेकर संस्थान में वीडियो बनाते हैं। ऐसे लोगों के लिए आदेश जारी किया गया था कि ऐसा करने से पहले उन्हें परमिशन लेनी होगी। हमारा मकसद किसी को दुख पहुंचाने का नहीं है। फिर भी ऐसा है तो हम अपना आदेश वापस लेते हैं। 

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मंत्री ने किया ट्वीट
संस्थान की ओर से जारी सफाई के बाद मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उनके इस आदेश की जानकारी मिली थी। जिसके बाद संस्थान से स्पष्टीकरण मांगा था। साथ ही यह भी कहा था कि आदेश को तत्काल वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि मेरे निर्देश के बाद इस आदेश को वापस ले लिया गया है।

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