Lucknow Municipal Corporation: घाटे में चल रहे लखनऊ नगर निगम ने अपने 1944 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

उत्तर प्रदेशLucknow Municipal Corporation: घाटे में चल रहे लखनऊ नगर निगम ने अपने...

Date:


Lucknow Municipal Corporation: घाटे में चल रहे लखनऊ नगर निगम ने अपने 1944 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

लखनऊ। पहले से ही चरमराई लखनऊ नगर निगम (Lucknow Municipal Corporation) की सफाई व्यवस्था और ज्यादा खराब होने वाली है। आर्थिक मंदी और घाटे का हवाला देते हुए नगर निगम ने अपने 1944 सफाई कर्मचारियों को बाहर कर दिया है। यह सभी कर्मचारी संविदा पर कार्यरत थे, दिन को करदाई संस्था के माध्यम से रखा गया था। नगर निगम के इस कार्रवाई का विरोध भी शुरू हो गया है पार्षदों ने इसको तानाशाही फैसला करार दिया है।

Read also- लखनऊ में साप्ताहिक बंदी के दिन नगर निगम ने कर दी दुकानें सील

लखनऊ शहर की आबादी करीब 30 लाख है। लखनऊ में साढे 10258 सफाई कर्मचारी तैनात है। इसमें से 1944 कर्मचारियों को हटा दिया गया है। ऐसे में अब महज 8314 कर्मचारी बचे हैं। सफाई कर्मचारियों के वेतन पर हर महीने 10 करोड़ रुपए का खर्च आता है। यह पैसा पहले अमृत योजना के तहत शासन से आता था लेकिन शासन की तरफ से भी नगर निगम को पैसा देना बंद कर दिया गया है। नगर निगम पर पहले से ही दिन 300 करोड़ रुपए की देनदारी है।

Read also- लखनऊ में नवाबी परिवार को रास नहीं आती राजनीति, आजादी के बाद महज एक परिवार ही राजनीति में आता नजर  

कांग्रेस (Congress) पार्षद अमिता सिंह ने कहा कि लखनऊ नगर निगम का यह फैसला सफाई व्यवस्था को खराब कर देगा। शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठाने से लेकर झाड़ू उठाने तक का काम आए दिन प्रभावित होता रहता है। इसके अलावा लखनऊ नगर निगम की सीमा में 88 गांव पहले ही आ चुके हैं। यहां सफाई ना होने पर आए दिन लोग प्रदर्शन करते रहते हैं। अब करीब 2000 कर्मचारियों को हटाने के बाद स्थिति और ज्यादा खराब हो जाएगी। वहीं कांग्रेस पार्षद अमित चौधरी ने इस मामले में मेयर को पत्र लिखकर सभी कर्मचारियों को रखवाने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि मानक के हिसाब से व कर्मचारी कम रहेगा तो सफाई व्यवस्था प्रभावित होगी।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

बीजेपी छोड़ने के बाद अन्नामलाई का बड़ा ऐलान, बनाएंगे नई राजनीतिक पार्टी

तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी...

न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए

जाने माने शायर बशीर बद्र का शुक्रवार को 91...