लखनऊ: अप्रैल माह के शुरूआत में ही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने लगी है। तापमान लगभग 40 के ऊपर पहुंच गया है, जिसके कारण प्रदेश में बिजली की मांग में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।
पिछले साल मार्च 2021 में 18593 मेगावाट और अप्रैल 2021 में 19837 मेगावाट की मांग की तुलना में इस साल 2022 में मार्च-अप्रैल माह में क्रमशः यह अप्रत्याशित रूप से बढ़कर 20479 मेगावाट और वर्तमान में 21483 मेगावाट तक पहुंच गई है।
बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिये उत्तर प्रदेश प्रदेश पावर कारपोरेशन रिकार्ड बिजली आपूर्ति की कोशिश कर रहा है। अप्रैल में इतनी विद्युत आपूर्ति इसके पूर्व कभी नहीं हुई। 01 अप्रैल को 19328 मेगावाट विद्युत मांग थी, जिसमें 10 अप्रैल तक लगभग 2000 मेगावाट की बढ़ोत्तरी हो गई है।
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प्रदेश के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री ए के शर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार निर्बाध विद्युत आपूर्ति को लेकर अत्यन्त गम्भीर है। इसके लिये सभी वितरण अधिकारी अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में पूरी सजगता बरतें और इसका अनुश्रवण सभी डिस्काम के एमडी द्वारा प्रतिदिन किया जाये।
साथ ही पावर कारपोरेशन स्तर से भी बिजली आपूर्ति के शिड्यूल के अनुपालन की सतत् निगरानी की जाये। ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मांग के अनुरूप विद्युत उपलब्धता पर्याप्त बनी रहे, इसके लिये पूरी सावधानी बरतें।
उन्होंने कहा कि सभी सम्बन्धित अधिकारी रात्रि पेट्रोंलिंग करें, साथ ही अपना मोबाइल 24×7 घंटे चालू रखें, जिससे विद्युत व्यवधान आदि की सूचनायें उन्हें समय से प्राप्त हो सके, तथा प्राप्त शिकायतों पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
इस समय प्रदेश में गर्मी के कारण विद्युत मांग में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। साथ ही स्थानीय दोषों तथा दुर्घटनाओं की संभावना भी ज्यादा रहती है। ऐसी स्थिति में यदि किसी कार्मिक का मोबाइल बन्द होने या न उठाने की शिकायत प्राप्त होती है तो उसके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।
