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कप्तान बदलते ही कई बार बदली है किस्मत


कप्तान बदलते ही कई बार बदली है किस्मत

बीच सीजन में पहले भी कई बार बदले गए कप्तान, हर बार सही भी नहीं रहा कप्तान बदलने का फैसला

दिनेश कार्तिक ने शुक्रवार को अचानक केकेआर की कप्तानी छोडऩे का फैसला किया, जिसके बाद यह जिम्मेदारी इंग्लैैंड के टी-20 कैप्टन इयान मोर्गन को सौंपी गई है. हालांकि आईपीएल के बीच सीजन में कप्तानी बदलने का काम पहली बार नहीं हो रहा है. इससे पहले भी कई टीमों और कप्तानों ने किसी न किसी कारण से बीच सीजन कप्तान बदलने का फैसला किया है. उनके इस तरह के फैसले का उनकी टीम पर क्या असर पड़ा, जानिए हमारी रिपोर्ट में.

मुंबई इंडियंस की बदली किस्मत
आईपीएल इतिहास में सबसे पहले साल 2008 में मुंबई ने हरभजन सिंह से कप्तानी शॉन पोलाक को दी. उसके बाद अंत में सचिन तेंदुलकर ने मुंबई की कमान संभाली. हालांकि, 2013 में मुंबई इंडियंस ने आईपीएल इतिहास का सबसे शानदार फैसला तब लिया, जब रिकी पोंटिंग के स्थान पर रोहित शर्मा को बीच सीजन में कप्तानी सौंपी गई. उसके बाद मुंबई ने रोहित की कप्तानी में 4 आईपीएल टाइटल अपने नाम किए है.

गिली ने डेक्कन को बनाया चैैंपियन
2008 में डेक्कन चार्जर्स ने वीवीएस लक्ष्मण से कप्तानी लेकर एडम गिलक्रिस्ट को सौंपी. इसका फायदा ये हुआ कि गिलक्रिस्ट ने 2009 में टीम को चैैंपियन बना दिया. साल 2012 में डेक्कन चार्जर्स के लिए संगकारा से कैमरून वाइट को कप्तानी दी गई. इसके बाद आईपीएल के अगले सीजन में शिखर धवन को सनराइजर्स की कप्तानी से हटाकर डैरेन सैमी को कप्तान बनाया गया था. हालांकि गिलक्रिस्ट के बाद कोई भी कप्तान टीम को चैैंपियन बनाने का करिश्मा नहीं कर सका.

इन कप्तानों ने टीम को जीतना सिखाया
साल 2009 में आरसीबी ने केविन पीटरसन से कप्तानी छीनकर दिग्गज गेंदबाज अनिल कुंबले को दी थी. कुंबले ने अपनी कप्तानी में आरसीबी को फाइनल तक पहुंचाया था.
दिल्ली कैपिटल्स ने भी एक युवा खिलाड़ी को जिम्मेदारी देते हुए 2 बार के आईपीएल विनर कैप्टन गौतम गंभीर के स्थान पर श्रेयस अय्यर को कप्तान के रूप में चुना, जिन्होंने दिल्ली की टीम को एक नई दिशा दिखाई है.

ये भी हुए फेरबदल

सीएसके ने कभी नहीं बदला कप्तान
चेन्नई इकलौती ऐसी टीम है, जिसने कभी अपना कप्तान नहीं बदला. एमएस धोनी शुरुआत से ही टीम के फुलटाइम कप्तान रहे हैं. हालांकि बीच में दो साल यह फ्रेंचाइजी स्पॉट फिक्सिंग के कारण सस्पेंड रही, तब एक साल धोनी को पुणे की ओर से स्टीव स्मिथ की कप्तानी में खेलना पड़ा था.

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