- रिटायर्ड ब्रिगेडियर सुधीर सावंत ने कहा, एलटीटीई का गढ़ रहा है इलाका
नई दिल्ली। तमिलनाडु के हेलीकाॅप्टर में हादसे में जान गवाने वाले चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत सहित 13 लोगों की मौत के पीछे एलटीटीई औैर आईएसआई की आतंकवादी साजिश होने की संभावना जताई जा रही है। रिटायर्ड ब्रिगेडियर सुधीर सावंत का कहना है कि सीडीएस के हेलीकाॅप्टर को निशाना बनाना एलटीटीई और आईएसआई की संयुक्त साजिश हो सकती है। उन्होंने हेलीकाॅप्टर कैश की जांच एनआईए से कराने का मशवरा दिया है।
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भारतीय सेना में 35 साल तक सेवाएं देने वाले रिटायर्ड ब्रिगेडियर सुधीर सावंत का यह दावा निश्चित ही सीडीएस बिपिन रावत की मौत पर संदेह जगाने के लिए काफी है। सुधीर सावंत का कहना है कि जिस इलाके में हेलीकाॅप्टर क्रैश हुआ है वह वीरप्पन के साथ एलटीटीई का गढ़ भी रहा है। जाफना से लेकर तमिलनाडु तक का नेटवर्क तोड़े जाने से एलटीटीई भारत और भारतीय सेना से बहुत नाराज है। एलटीटीई बम प्लांट करने में एक्सपर्ट है। उन्होंने इस हमले में पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी आईएसआई का हाथ होने की भी आशंका जताई। उन्होंने कहा कि यह भी संभावना है कि आईएसआई और एलटीटीई ने एक साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। सुधीर सावंत का कहना है कि एलटीटीई के पास आज भी राइफल से लेकर एक्सप्लोसिव तक मौजूद है। ह्यूमन बम का इस्तेमाल शुरू करने वाली एनटीटीई के पास एक्सप्लोसिव के टेक्निकल काम करने के लिए एक्सपर्ट तक मौजूद हंै। उन्होंने इस घटना में छोटी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल का इस्तेमाल करने की संभावना भी जताई।
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रिटायर्ड ब्रिगेडियर सुधीर सावंत का कहना है कि उस इलाके में रहने वाले लोग भी एलटीटीई के समर्थक हैं। ऐसे में यह इंसाइड जाॅब भी हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ब्लैक बाॅक्स की जांच के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह हादसा था या साजिश।

