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Festival Month: 17 अप्रैल से शुरू हुआ भगवान विष्णु का अतिप्रिय मास, धर्म-तप यज्ञ के लिए सर्वश्रेष्ठ

मेरठ। भगवान विष्णु का अतिप्रिय और देवी उपासना का महीना बैसाख शुरू हो गया है। वैशाख मास के महत्व को ज्योतिषाचार्यों के अनुसार काफी अच्छा माना जाता है। पंचांग के अनुसार हिंदू पंचांग का दूसरा महीना 17 अप्रैल से शुरू हो चुका है। यह महीना 16 मई तक रहेगा। वैशाख का महीना भगवान विष्णु का अतिप्रिय मास बताया गया है। इस माह को देवी उपासना का महीना भी माना जाता है। इस महीने का विशेष महत्व बताया गया है।

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अंग्रेजी महीना अप्रैल और मई में वैशाख माह का प्रारंभ होता है। इस मास का संबंध विशाखा नक्षत्र से होने के कारण ही इसको वैशाख माह का नाम दिया गया है। बताया जाता है कि भगवान विष्णु को माघ, कार्तिक और वैशाख महीने प्रिय हैं। धर्म, तप, यज्ञ और स्नान-दान के लिए वैशाख महीना सर्वश्रेष्ठ बताया गया है। धर्मग्रंथों में इसको माधव मास भी कहा गया है। 

शास्त्रों में इसका वर्णन भी मिलता है कि जो व्यक्ति वैशाख माह में लोगों को जल पिलाता है या जल पात्रों की सार्वजनिक स्थान पर स्थापना करता है वह पुण्य का भागीदार होता है। वैशाख माह में आने वाले पर्व और व्रत वरुथिनी, मोहिनी एकादशी, अक्षय तृतीया, गंगा सप्तमी, सतुआ अमावस्या और वैशाखी पूर्णिमा हैं। जिनमें किए शुभ कार्यों से अक्षय फल मिलता है। इस महीने 6 दिन सर्वार्थ सिद्धि, एक अमृत सिद्धि, सात और आठ मई को शनि और पुष्य नक्षत्र योग रहेंगे। इन योगों में खरीदारी करना शुभ है।

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