टिड्डी दल का तीसरे दिन फिर हमला

उत्तर प्रदेशटिड्डी दल का तीसरे दिन फिर हमला

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टिड्डी दल का तीसरे दिन फिर हमला

प्रयागराज – सुबह से प्रयागराज टिड्डी दल ने मचाई तबाही जिले में तीसरे दिन भी टिड्डी दल ने हमला किया. सुबह साढ़े नौ बजे के करीब टिड्डी दल का शहर के कई इलाकों में कब्ज़ा हो गया.पाकिस्तान से आई ये मुसीबत गंगापार के बहादुरपुर और हनुमान गंज से उड़ी तो शहर के दारागंज, सलोरी, अल्लापुर से शहर में एंट्री कर गई.

गमलों में लगें फूल गायब
शहर के टैगोर टाउन, जार्ज टाउन, कीडगंज, कटरा, कर्नलगंज, चौक, सिविल लाइंस समेत आधे से ज्यादा शहर में टिड्डी दल ने आतंक मचा दिया.देखते ही देखते हजारों पेड़-पौधों को चट कर गए.यहाँ तक कि छतों पर गमलों लगे फूल, सब्जियों के पौधों का तो नामोनिशान मिट गया.

पटाखें फोड़कर भागने की कोशिश
आतंक मचा रहे दल को भगाने के लिए लोगों ने पटाखे फोड़े. थाली बजाई. काफी लोग दल को देखने, फोटो खींचने और वीडियो बनाने लगे.


ये टिड्डी दल क्या है?
टिड्डी दल छोटे कीड़ों का झुंड होता है. इस झुंड में लाखों कीड़े शामिल होते हैं. कीड़ों का ये झुंड उत्तर पूर्वी अफ्रीका में तैयार होता है. ये ग्रासहॉपर समुदाय का एक सदस्य होता है. ये टिड्डे अपना झुंड बनाकर एक इलाके से दूसरे इलाके जाते हैं.आमतौर पर ये कीड़े अगर कम संख्या में हो तो खेती को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाते. लेकिन जब ये लाखों की तादाद मेें झुंड में होते हैं तो तबाही मचा देते हैं.

लाखों कीड़े कहां से आ जाते हैं?
जब इन कीड़ों को सूटेब्ल कंडीशन जैसे हरियाली, बारिश वगैरह मिलती है. तो उनके दिमाग में सेरेटॉनिन नाम का रसायन कुछ बदलाव लाता है. इसके बाद वो एकदम से प्रजनन करने लगते हैं और उनकी तादाद में बहुत तेजी से या यू कहें की विस्फोटक बढ़ोत्तरी होती है.वो अपने झुंड जबरदस्त तरीके से बढ़ाते जाते हैं. फिर ये झुंड हरियाली की खोज में आगे बढ़ने लगता है.झुंड में बढ़ते हुए ये टिड्डी दल रास्ते में आने वाली फसलों, पौधों , पेड़ों को चट कर जाते हैं.

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